एक टच पर मिलेंगे दून के सभी हॉस्पिटल

अगर आप पहली बार देहरादून आए हैं और बदकिस्मती से अचानक हॉस्पिटल की जरूरत पड़ जाए तो पहले अस्पताल की जानकारी लेने में और फिर वहां तक पहुंचने के रास्ते तलाशने में ही एक-डेढ़ घंटे तक का वक्त लगना तय है। ऐसे में अगर आपका मोबाइल ही आपका गाइड बन जाए तो?

जी हां, माइक्रोसॉफ्ट इनोवेशन सेंटर की मदद से दून के कुछ छात्रों ने इसे सच कर दिखाया है। उनके बनाए एप्स से बस एक क्लिक पर दून के सारे अस्पतालों का पूरा नक्शा आपके मोबाइल पर आ जाएगा।

अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर उपलब्ध
तुलाज इंस्टीट्यूट स्थित माइक्रोसॉफ्ट इनोवेशन सेंटर में कंपनी ने अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराए हैं। इनकी मदद से छात्र नए एप्स बना सकते हैं। संस्थान की इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन्स इंजीनियरिंग (ईसीई) तृतीय वर्ष की छात्रा शालिनी रंजन और रश्मि देवली ने यहां हॉस्पिटल एप्स बनाया है।

एप्स का डेमो वर्जन माइक्रोसॉफ्ट को भेजा गया है। खास बात यह है कि यह एप्स दून ही नहीं, देश के किसी भी शहर में इस्तेमाल किया जा सकता है। एप्स की सहायता से लोकेशन को सड़क, एरियल व्यू और बर्ड आई व्यू से ट्रेस किया जा सकता है। माइक्रोसॉफ्ट से इस एप्स को मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है।

‘नो योर लॉज’ एप्स
इसी तरह संस्थान की बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (सीएसई) द्वितीय वर्ष की छात्रा मेघा हीरा ने माइक्रोसॉफ्ट विंडोज एज्यूर (क्लाउड कंप्यूटिंग इंटरफेस) की मदद से ‘नो योर लॉज’ एप्स बनाया है। यह एक सूचनात्मक विंडो एप्लीकेशन है, जिसमें दहेज, बाल शोषण, बालश्रम, भ्रूण हत्या, छेड़छाड़, रैश ड्राइविंग, धूम्रपान जैसे अपराध और उनमें होने वाली सजा की पूरी जानकारी दी गई है।

माइक्रोसॉफ्ट की आधुनिक तकनीक की मदद से कानून में होने वाले संशोधन और देश के किसी भी कोने में होने वाले अपराध और उस पर सजा की पूरी जानकारी भी अपडेट मिलेगी। मेघा ने बताया कि यह एप्स आपराधिक गतिविधियों पर रोक के मद्देनजर जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। इसे मुफ्त में उपलब्ध कराने के लिए वह सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखना चाहती हैं।

देशभर में 13 इनोवेशन सेंटर
तुलाज इंस्टीट्यूट के अलावा माइक्रोसॉफ्ट ने देशभर में अपने 13 इनोवेशन सेंटर स्थापित किए हैं। हाल में दून आए माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के जीएम जोसेफ लैंडेज ने बताया था कि इन इनोवेशन केंद्रों से मिल रहे फीडबैक की वजह से ही कंपनी भारत में तेजी से प्रसार कर रही है। बताया कि कुछ छात्रों ने अच्छे एप्स बनाए हैं, जिन्हें कंपनी के विशेषज्ञों के पास भेजा गया है। वहां जरूरी सुधार के बाद इन्हें कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। कंपनी ने भारत के होनहार छात्रों को मजबूत मंच देने के लिए यह योजना लागू की है।

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