एक छत के नीचे चल रहे थे कई फर्जी विभाग

जसपुर। जसपुर में एक ही छत के नीचे कई फर्जी विभाग चल रहे थे। जालसाज नकली नोट छापने के साथ ही मार्कशीट, परिवहन विभाग, आयकर विभाग और मंडी समिति के फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहे थे। बताया जाता है कि गिरोह अब तक 50 लाख रुपये से अधिक के 100 रुपये के जाली नोटों को मार्केट में उतार चुका था। इसके अलावा फर्जी दस्तावेज बनाकर सरकार को लाखों रुपये के राजस्व की चपत भी।
उल्लेखनीय है कि पुराने सिनेमा हाल के पास नेशनल कोचिंग इंस्टीट्यूट पर सोमवार रात पुलिस ने छापा मारकर यूपी और उत्तराखंड के शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग, आयकर विभाग, मंडी समिति एवं अन्य विभागों के फर्जी अभिलेख, मोहरें जब्त की। गिरोह के सरगना शहजाद, पूर्व प्रधानाचार्य राजपाल सिंह, शहनबाज , मोहसिन को भी गिरफ्तार किया था जबकि चार आरोपी फरार हो गए थे। गिरोह सरगना शहजाद ने पुलिस को बताया कि उसने गिरोह के सभी सदस्यों को विभाग बांटे थे। गिरफ्तार पूर्व प्रधानाचार्य राजपाल सिंह शिक्षा विभाग के काम देखता था। राजपाल ही शिक्षा विभाग की फर्जी सनद, मार्कशीट, टीसी और अन्य सर्टिफिकेट बनवाने में गिरोह सरगना की मदद करता था। कोचिंग इंस्टीट्यूट खोलने के पीछे भी राजपाल का ही दिमाग था। इसके अलावा वह फर्जी दस्तावेजों से बीएड, एमएड, एलएलबी, बीटीसी, डीपीएड आदि के दाखिले कराने में भी मदद करता था। शहजाद ने पूछताछ में पुलिस को यह भी बताया कि वह सरकारी विभागों में फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे कई युवकों को नियुक्ति भी दिला चुका है। गिरोह के अन्य सदस्य चोरी के वाहनों की आरसी एवं आरटीओ ऑफिस के अन्य अभिलेख बनवाने में मदद करते थे। साथ ही क्षेत्र बांटकर नकली नोटों को चलाते थे। इस तरह गिरोह का सरगना एक ही छत के नीचे कई फर्जी विभाग चला रहा था।

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