
नैनीताल। मानकों को ताक पर रखकर मकान बनाने वालों के खिलाफ झील विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने सख्ती दिखाई है। बुधवार को चलाए गए अभियान में एक अस्थाई निर्माण सील कर दिया गया। जबकि पांच के मालिकों को एक हफ्ते में मकान खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से नगर में खलबली मच गई। सूत्रों की मानें तो शीघ्र ही अवैध निर्माण ध्वतीकरण की कार्रवाई शुरू होने वाली है।
एलडीए सचिव विनोद गिरी गोस्वामी के नेतृत्व में विभागीय टीम मल्लीताल सूखाताल क्षेत्र पहुंची। जहां झील के किनारे 2200 वर्ग फीट में भवन बनाने वाली पूजा सिंह पत्नी सुधीर सिंह तथा 1000 वर्ग फीट के भवन में काबिज बिशना देवी पत्नी नैन सिंह को एक सप्ताह में भवन खाली करने का नोटिस दिया गया। इस दौरान 208 वर्गमीटर क्षेत्र में चहारदीवारी तथा शटर को सील किया गया। सूखाताल क्षेत्र स्थित रमेश लाल के आउट हाउस में भी नोटिस चस्पा किया गया है।
इससे पूर्व टीम ने तल्लीताल बूचड़खाना क्षेत्र का निरीक्षण कर अब्दुल रहमान और फरमान अली को भवन खाली करने के नोटिस दिए गए। अधिकारियों के मुताबिक अधिकांश भवन स्वामियों ने पूर्व में चालान के बावजूद भवन बनाए। जोे प्राधिकरण अध्यक्ष कुमाऊं आयुक्त की अदालत से केस भी हार चुके हैं। अब अगर मकान खाली नहीं होते तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी। अभियान में जेई रमेश जोशी, मनोज जोशी, सीपी अधिकारी, एस चौहान, हेमंत रावत, पट्टी पटवारी भुवन जोशी आदि शामिल थे।
