
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। आईपीएच मंडल देहरा में तैनात एक्सईएन की वित्त संबंधी शक्तियां सरकार ने छीन ली हैं। वित्त संबंधी शक्तियां छीनने के सही कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। लेकिन बताया जा रहा कि किसी व्यक्ति द्वारा मांगी गई आरटीआई जानकारी के बाद यह फैसला उच्च स्तर पर लिया गया है।
विभागीय उच्च स्तर पर एक्सईएन की पावर स्नैच करने का फैसला काफी गोपनीय तरीके से लिया गया। एक्सईएन की पावर स्नैच करने के बाद सारी फाइनेंशियल पावर एसई हमीरपुर को दी गई हैं। एक्सईएन की फाइनेंशियल पावर स्नैच करने का एक कारण राजनीतिक भी बताया जा रहा है। क्योंकि इलाके के कई सत्ताधारी पार्टी के नेता एक्सईएन के कार्य से संतुष्ट नहीं थे। उन्हें लगता था कि एक्सईएन सत्ताधारी पार्टी के लोगों के साथ भेदभाव कर रहे हैं। लेकिन सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। आईपीएच मंडल देहरा में तैनात एक्सईएन की वित्त संबंधी शक्तियां छीनने से सबसे ज्यादा दिक्कत इलाके के ठेकेदारों को हो रही है। ठेकेदारों को सही समय पर कार्य का भुगतान नहीं होने पर आईपीएच के कार्य लटक गए हैं या समय पर पूरा होने की स्थिति में नही हैं। सूत्र बताते हैं कि इलाके के करीब दो दर्जन से अधिक ठेकेदारों की पेमेंट फंस गई है तथा उन्होंने बीच में ही काम रोक दिए हैं। इससे आईपीएच मंडल देहरा में कई योजनाएं लंबित पड़ने की स्थिति में हैं। नए टेंडर जारी करने की प्रक्रिया धीमी पड़ चुकी है। क्योंकि एसई हमीरपुर बार-बार देहरा नहीं पहुंच सकते। वह सप्ताह में एक बार ही बड़ी मुश्किल से मंडल कार्यालय आ पा रहे हैं।
उधर, इस बारे में एसई हमीरपुर एलआर चौधरी का कहना है कि यह उच्च स्तर पर लिया गया फैसला है। आईपीएच विभाग के प्रमुख अभियंता आरके शर्मा ने बताया कि कुछ शिकायतें आई थीं, उसी के बाद सरकार ने उक्त एक्सईएन से वित्तीय शक्तियां वापस लेने का निर्णय लिया गया है।
