उत्तराखंड में फिर से सक्रिय ‘माओवादी’

उत्तराखंड में पिछले कुछ समय में धीमी हो चुकी वामपंथ की सक्रियता फिर शुरू हो रही है। यहां वामपंथ की आड़ में अति वामपंथी नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।

चिंता की बात ये है कि इस नेटवर्क की ज्यादातर कड़ियां प्रदेश से बाहर हैं जो धीरे-धीरे यहां अपने लिए सुरक्षित और प्रभावी प्लेटफॉर्म तैयार कर रहे हैं।

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हेम मिश्रा और फिर प्रशांत राही
पहले हेम मिश्रा और फिर प्रशांत राही की गिरफ्तारी के बाद इसी तरह के तथ्य सामने आ रहे हैं। दोनों से हुई पूछताछ में एजेंसियों को कई चौंकाने वाले तथ्य पता लगे हैं।

बताया जा रहा है कि हेम मिश्रा, प्रशांत राही और कई अन्य लोग मिलकर एक ही कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग यहां उनके साथ पूर्णत: या आंशिक रूप से शामिल हैं।

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अच्छा खासा नेटवर्क
यहां पिछले कुछ समय में इन लोगों ने एक अच्छा खासा नेटवर्क तैयार कर लिया है। इस बार ये लोग एक आम वामपंथी के रूप में ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस नेटवर्क का हिस्सा बनाने की फिराक में हैं।

हेम की गिरफ्तारी के बाद प्रशांत राही और अन्य लोग जेएनयू से लेकर तमाम जगह मीटिंगों के जरिये इस नेटवर्क को ही मजबूत करने में लगे थे। 29 अगस्त की सुबह प्रशांत राही यहां से दिल्ली के लिए निकल गया था।

हर पेशी पर पहुंचता था कुमाऊं
रुद्रपुर में पेशी पर आने के बाद दो-चार दिन प्रशांत राही कुमाऊं में ही बिताता था। जिस दौरान वह पूरी तरह सक्रिय रहता था। उसकी हर मूवमेंट पर खुफिया एजेंसियों की नजर रहती थी। वह हर पेशी पर यहां आ रहा था।

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दो सितंबर को उसकी और पत्नी चंद्रकला की रुद्रपुर कोर्ट में पेशी थी। एजेंसियां दोनों पर नजर रखे हुए थी लेकिन जब पत्नी अकेली आई तो एजेंसियों में हड़कंप मच गया।

गढ़ चिरौली में गिरफ्तार
कारण जानने की कोशिश की तो प्रशांत राही के गढ़ चिरौली में गिरफ्तार होने की बात सामने आई। जिसके बाद एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गईं।

इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि आखिर प्रशांत राही पिछले एक सप्ताह से लगातार यहां क्यों रहा था। इस दौरान उसके संपर्क में आए हर शख्स पर भी अब नजर रखी जा रही है।

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