
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल-स्पीति अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने लाहौल के लिए उड़ानें न होने पर सरकार के प्रति नाराजगी जताई है। कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष मेघ चंद ने कहा कि घाटी के लिए उड़ानें न होने से लाहौल में 140, जबकि कुल्लू में 130 कर्मचारी उड़ान के इंतजार में हैं। महासंघ का कहना है कि लाहौल के लिए नियमित उड़ान न होने से कर्मचारी वर्ग में सरकार के प्रति गहरा रोष है। महासंघ के नेताओं ने कहा कि जब मौसम खराब रहता है तो लाहौल घाटी के लिए हेलीकॉप्टर उड़ान का शेड्यूल जारी कर दिया जाता है। लेकिन, जब मौसम साफ होता है तो हेलीकॉप्टर गायब हो जाता है। कर्मचारी नेताओं ने राज्य सरकार से मौसम साफ रहने पर घाटी के लिए एक दिन में कम से कम चार उड़ानें किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न विभागों में 40 से 50 प्रतिशत पद रिक्त हैं। इसके चलते यहां तैनात कर्मचारियों को अतिरिक्त बोझ तले दबना पड़ रहा है। महासंघ के महासचिव राम दयाल ने बताया कि जनजातीय और शीतकालीन भत्ता जनजातीय क्षेत्रों के लिए विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को वर्तमान में तीन सौ रुपये प्रतिमाह की दर से मिल रहा है जो कि बहुत क म है। इसे बढ़ाकर कम से कम हजार रुपये किए जाने की प्रदेश सरकार से मांग की है। हेलीकॉप्टर की नियमित उड़ानें न होने पर लाहौल-स्पीति अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने उपायुक्त लाहौल-स्पीति के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भी भेजा। महासंघ के जिला अध्यक्ष मेघ चंद ने बताया कि तीन दिन के भीतर घाटी के लिए नियमित उड़ान नहीं हुई तो महासंघ को मजबूरन आंदोलन की राह अपनानी पड़ेगी। इस दौरान किशोरी, राकेश, नीला देवी, सनम छेरिंग आदि कर्मचारी नेता मौजूद थे।
