
आपदा में उजड़े उत्तराखंड में प्रदेश भाजपा अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रही है। शनिवार से रामनगर में होने वाली दो दिवसीय कार्यसमिति की बैठक में पहाड़ की जमीनी समस्याओं से जुड़े प्रस्ताव लाकर भाजपा अपनी राह तलाशेगी।
शुक्रवार देर रात तक चली प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में आपदा और उसके बाद खड़ी विकराल समस्याओं से संबंधित राजनीतिक प्रस्ताव पर चर्चा हुई। साथ ही खनन, वन और पहाड़ों की अंधाधुंध कटाई को लेकर कांग्रेस सरकार की नीति पर भी निशाना साधने की तैयारी है।
आपदा और उपेक्षा
पदाधिकारियों की बैठक में प्रदेश प्रभारी और सांसद राधा मोहन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत और नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट भी मौजूद थे।
ढिकुली के वुड कैशल रिसोर्ट में जुटे प्रदेश पदाधिकारियों ने आपदा के बाद सरकार की ओर से हो रही उपेक्षा को प्रमुखता से उठाया। करीब दो घंटे चली बैठक में दो दिनों के कार्यक्रम पर चर्चा हुई।
पुर्नवास बनेगा हथियार
बैठक में राहत सामग्री न मिलना, सड़क मार्ग अभी तक बहाल न होने, मृतकों के आश्रितों को मुआवजा और नौकरी के साथ पुनर्वास जैसे मुद्दे छाए रहे। प्रदेश भाजपा ने लगभग तय कर लिया है कि कार्यसमिति की बैठक में आपदा को प्रमुख राजनीतिक मुद्दे के तौर पर उठाया जाएगा।
कार्यसमिति की बैठक में सरकार की खनन नीति पर भी निशाना साधने की तैयारी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि नदियों का खनन निजी हाथों में सौंपकर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार को खुलेआम संरक्षण देने जा रही है।
झगड़े निपटाने को लगेगी पंचायत
बैठक में राजनीति प्रस्ताव केसाथ आर्थिक प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। जिस पर शनिवार को चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा।
दो दिनों की बैठक में प्रदेश भाजपा कांग्रेस से भिड़ने के मुद्दे तो तलाशेगी साथ ही आपसी झगड़ों के निपटारे लिए पंचायत लगाएगी। प्रदेश प्रभारी के सामने तमाम ऐसे मुद्दे भी उठेंगे जिससे प्रदेश भाजपा लंबे समय से आपदा की तरह जूझ रही है।
