
धर्मशाला। बहादपुर पंचायत में मनरेगा के अंतर्गत हुए कार्यों में लाखों की हेराफेरी सामने आई है। काम में प्रयोग हुई सामग्री के पंचायत प्रतिनिधियों ने फर्जी बिल पास करके मनरेगा का पैसा सीधा जेब में डाला है। वहीं, कामगाराें ने मनरेगा कार्यों में एक ही दिन काम किया है, मगर हाजिरी रजिस्टर में डबल लगी है। भवन और अन्य निर्माण में पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रयोग हुई ईंट ए वन ग्रेड की बताई है, मगर यहां पर ग्रेड टू ईंटें निर्माण में प्रयोग की गई हैं। ईंट के लिए स्वीकृत हुई धनराशि में भी हेराफेरी की गई है।
भोजपुर निवासी सुरेश कुमार ने इसकी शिकायत लोकपाल को की थी। लोकपाल ने भी पंचायत में फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच की है। लोकपाल ने मामले में आगामी कार्रवाई के लिए शिकायत को डीसी कांगड़ा के पास भेजा है। इस फर्जीवाडे़ में जांच तेज हो गई है। बताया रहा है कि पंचायत में हुए विकास कार्यों में सरकारी राशि का दुरुपयोग हुआ है। इससे पंचायत में होने वाले विकास कार्य सिरे नहीं चढ़ पाए हैं। प्रतिनिधियों ने सामग्री खरीद के जाली बिल दिए हैं। हालांकि पंचायत में दर्शाई गई निर्माण सामग्री से कोई भी ठोस निर्माण नहीं हुआ है। अब मामले में जांच चल रही है और पंचायत प्रतिनधियों पर रिकवरी डालने की संभावना है।
उधर, लोकपाल मनरेगा एके शर्मा ने बताया कि बहादपुर पंचायत में लाखों की हेराफेरी सामने आई है। उन्हाेंने बताया कि शिकायत को डीसी कांगड़ा के पास भेजा गया है। निर्माण सामग्री के जाली बिलों में लाखाें की हेराफेरी और डबल हाजिरियां लगाकर पैसा पंचायत प्रतिनिधियों ने जेब में डाला है।
