इस हादसे ने दिलाई पिछली याद

चंबा। एक बार फिर से पवित्र मणिमहेश यात्रा पर आए बाइक सवार युवकों को हादसे का शिकार होना पड़ा है। हालांकि इस बार यात्रा के दौरान किसी बाइक सवार के दुर्घटना का शिकार होने की खबर नहीं मिली थी, मगर नूरपुर के तीन युवकों के लापता होने की घटना के बाद इस बार की यात्रा पर भी दुर्घटना का अभिशाप लग गया है। पिछली बार की यात्रा में बाइक सवार युवकों को जानें गई थीं। इनमें पठानकोट के युवक शामिल थे। इस बार जिला कांगड़ा के उपमंडल नूरपुर के तीन युवकों लापता होने और इनमें से एक युवक का शव डैम में मिलने से रात को यात्रा के दौरान बाइक पर सफर का खतरनाक पहलू सामने आया है। फिलहाल इस बात की पुष्टि होनी बाकी है कि डैम से मिले सिकंदर कुमार के बाकी दो साथी भी उसके साथ ही दुर्घटना का शिकार हुए हैं या नहीं। जिस तरह से पांच सितंबर के बाद से सिकंदर उर्फ बब्बू के अलावा अंकुश शर्मा उर्फ बिक्का व रविंद्र कुमार उर्फ बिंदु अपने मोटरसाइकिल (नंबर एचपी 38 बी-6974) के साथ लापता हैं, उसे देखते हुए पुलिस यह मान कर चल रही है कि इनका मोटरसाइकिल दुर्घटना का शिकार होकर रावी में समा गया है। अगर ये तीनों एक साथ बाइक पर सफर कर रहे थे तो इसमें पुलिस के यातायात के नियमों का सख्ती से पालन किए जाने के दावों की भी पोल खुलेगी। उधर, इनकी तलाश में आए परिजनों को मणिमहेश यात्रियों के लिए बनाए गए पंजीकरण केंद्र कलसुई से जानकारी मिली है कि ये पांच सितंबर को रात आठ बजे यहां से रवाना हुए थे इनमें से एक युवक अंकुश शर्मा ने यहां अपना नाम और मोटर साइकिल का नंबर दर्ज करवाया है। रिकार्ड के अनुसार वे तीनों रात आठ बजे भरमौर की ओर रवाना हुए थे। इसके बाद वे भरमौर नहीं पहुंचे और रास्ते में ही तीनों मोटरसाइकिल सहित लापता हो गए। हैरानी की बात है कि यात्रा के दौरान काफी व्यस्त सड़क होने के बावजूद किसी को इनकी मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर तक नहीं लगी। उधर, सिकंदर के भाई सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वह चार भाई हैं। अकुंश ड्राइविंग का काम करता है। ये तीनों एक साथ मणिमहेश के लिए रवना हुए थे।

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