
शिमला। हिमाचल आगामी वित्तीय वर्ष में शराब की बिक्री से मिलने वाले राजस्व में 100 करोड़ रुपये अतिरिक्त कमाएगा। अगले साल के लिए मंत्रिमंडल से मंजूर हुई पालिसी में सबसे अहम बदलाव सभी के लिए कोटा फिक्स करने का किया है। इससे पहले हिमाचल में शराब की दुकान लेने वाले ठेकेदार पर ही बिक्री का कोटा तय किया जाता था।
इससे ठेकेदार पर अधिक भार पड़ता था, लेकिन पहली बार सरकार की ओर से शराब निर्माता कंपनियों से लेकर शराब के थोक विक्रेताओं पर भी टारगेट का भार डाला है। हालांकि पहले प्रदेश में आबकारी नीति में बदलाव करने पर काम किया जा रहा था, लेकिन शराब के ठेकेदारों से पालिसी बनाने से पहले अधिकारियों ने बैठक की। इसमें ठेकेदारों ने कोटे की शर्त का विरोध किया था, इसके अलावा राजस्व की बढ़ोतरी के लिए सहमति दे दी थी। इसके आधार पर सरकार ने दोबारा से नीलामी के दौरान कहीं नुकसान न हो, इस आशंका से बचने के लिए पुराने लाइसेंस ही रिन्यू करने का फैसला लिया है। इसमें 11 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।
