
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि भारत चिकित्सकीय समस्थानिक (मेडिकल आइसोटोप) के उत्पादन के लिये पीपीपी मॉडल पर अनुसंधान केंद्रित रियेक्टर (नाभिकीय संयंत्र) स्थापित करेगा।
उन्होंने प्रोत्साहन आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त की घोषणा करते हुए कहा कि यह चिकित्सकीय समस्थानिक का उत्पादन करेगा और कैंसर एवं अन्य
बीमारियों के लिए किफायती उपचार उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर तैयार होने वाला अनुसंधान रियेक्टर खाद्य संरक्षण, कृषि सुधाारों को तेजी तथा किसानों की मदद करने के लिए विकिरण प्रौद्योगिकी का उपयोग करेगा। उन्होंने कहा कि सैटेलाइट, प्रक्षेपणों और अंतरिक्ष आधारित गतिविधियों में निजी कंपनियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
सीतारमण ने कहा कि भारतीय स्पेस सेक्टर को प्राइवेट सेक्टर के लिए भी खोला जा रहा है। इस क्षेत्र में भी स्टार्टअप की योजना पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों की भागीदारी बढ़ाई जा रही है। वे भी सैटेलाइट लांच कर पाएंगी। निजी क्षेत्र की कंपनियों को इसरो की सुविधाओं का इस्तेमाल करने का मौका दिया जाएगा।
