
नौहराधार (सिरमौर)। न डाक्टर और न कर्मचारी। लोगों को इलाज मिलना तो दूर कोई अस्पताल का ताला खोलने वाला भी नहीं है। मामूली बीमारी के इलाज को भी लोगों को कई किमी पैदल चलना पड़ता है। यह हाल है उप तहसील नौहराधार की चौकर पंचायत की सबसे पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) का।
हाल यह हैं कि इस स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका हुआ है। भवन भी जर्जर हालत में है। पूर्व में जो चिकित्सक तैनात थे, उन्हें राजगढ़ नियुक्ति दी गई है। अब स्वास्थ्य केंद्र खाली पड़ा है। स्वास्थ्य केन्द्र में इस वक्त कोई भी चिकित्सक है। न कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात है। विभाग की इस लापरवाही पर स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चौकर से भराड़ी, नाइचणा, चौकर, बाग, शिल्ली, कैंथा आदि क्षेत्रों के ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त कर रहे थे। मगर पीएचसी बंद होने के कारण अब इन गरीब ग्रामीणों को नौहराधार, राजगढ़ या फिर सोलन जाना पड़ रहा है। पंचायत प्रधान सुमन चौहान, रामस्वरूप, राम गोपाल, संत राम, भीम सिंह, वेद संतन आदि ने बताया कि डाक्टर के नहीं होने से ग्रामीण परेशानी झेल रहे हैं। अगर शीघ्र चौकर पीएचसी में पद नहीं भरा गया तो लोगों का गुस्सा कभी भी फूट सकता है। उधर, इस संबंध में बीएमओ संगड़ाह एनके भारद्वाज ने बताया कि चिकित्सकों की कमी है। सगड़ाह खंड में ही चार पीएचसी प्रभावित हैं। फिलहाल एक हेल्थ वर्कर की तैनाती पीएचसी चौकर में कर दी गई है।
