
पपरोला (कांगड़ा)। बैजनाथ उपमंडल में धर्म के नाम पर भोले-भाले लोगों को ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। बताया जा रहा है कि इस गिरोह में शामिल शातिरों ने पपरोला सहित बैजनाथ के कई गांवों में माता के प्रकोप का भय दिखाकर लोगों से हजारों रुपये ऐंठ लिए। ठगी का शिकार हुई पपरोला की एक महिला ने बीते दिन अपने परिजनों की मदद से बैजनाथ के चकोल गांव में इन शातिरों को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। जहां आरोपियों से पूछताछ में इस गोरखधंधे का खुलासा हुआ। उधर, पुलिस के अनुसार इस बारे में शिकायत न आने के चलते मामला दर्ज नहीं किया गया है।
बताया जा रहा है कि गिरोह में शामिल आठ से नौ शातिरों ने पपरोला व बैजनाथ के निचले इलाकों में कई लोगों से माता के रुष्ट होने का भय दिखाकर पूजा-पाठ के नाम पर 500 से लेकर 7 हजार रुपये तक की रकम ठगी है। गिरोह ने अपना जाल खासकर ग्रामीण इलाकों में फैलाया हुआ था। गिरोह का सरगना उतराला के निकट एक पंचायत का निवासी बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद आरोपी ने ठगे गए कुछ लोगों के पैसे भी वापस कर दिए हैं। उधर, बैजनाथ पुलिस के एसआई मोहन रावत ने बताया कि पुलिस में यह मामला दर्ज नहीं हुआ है।
ऐसे चलता था गोरखधंधा
ठग गिरोह के सदस्य माता का एक रथ लेकर घरों में जाकर परिवार की महिला सदस्यों से माता के नाराज होने की बात कहकर रथ को वहीं छोड़कर अगले दिन उक्त घर में आकर भंडारा लगाने के नाम पर 200 रुपये से लेकर हजारों की रकम ऐंठ लेते थे। लोगों को बाद में इस ठगी का पता चलता था लेकिन तब तक गिरोह के सदस्य रफूचक्कर हो जाते थे।
अंधविश्वास में न आएं लोग
पपरोला पंचायत प्रधान मुकेश शर्मा ने कहा कि लोग अंधविश्वास में आकर अनजान लोगों को घर में प्रवेश न करने दें और पूजा-पाठ के नाम पर ऐसे लोगों को धन या अन्य वस्तु न दें। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे स्थानीय पंचायत या पुलिस को सूचना दें।
