
कंडीसौड़/घनसाली। भूस्खलन से भिलंगना के इंद्रोला और थौलधार के नौगांव निवासियों की नीद उड़ी हुई है। इंद्रोला में 191 परिवार अब गांव में रहने को तैयार नहीं हैं जबकि नौगांव में आठ परिवारों ने घर छोड़ दिया है। पिछले दो दिनों में कई मकानों में दरारें पड़ गई हैं।
इंद्रोला की ग्राम प्रधान देवेश्वरी देवी, रविंद्र सिंह, रणवीर सिंह, पूरण सिंह और रमेश कुमार आदि का कहना है कि वर्ष 2010 में भी भूस्खलन हुआ था। तब से वे विस्थापन की मांग करते आ रहे है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। एसडीएम जगदीश लाल ने बताया कि इंद्रोला गांव का निरीक्षण कर जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
उधर,नौगांव में चार दिनों से भूस्खलन हो रहा है। खतरे को देखते हुए विक्रम सिंह, तेग सिंह, सोबन सिंह, प्यार सिंह, उत्तम सिंह, प्रताप सिंह, चमन लाल और अवतार सिंह ने अपने परिवार दूसरे घरों में शिफ्ट कर दिए हैं। राजस्व निरीक्षक बुद्धि मिस्त्री ने बताया कि गांव के भूगर्भीय सर्वे करने के संबंध में रिपोर्ट भेजी जाएगी।
मुआवजे की खातिर किया चक्का जाम
सड़क निर्माण में हुए नुकसान की भरपाई की मांग
टूटी पेयजल लाइनें नहीं जोड़ने पर भी फूटा गुस्सा
शीघ्र समाधान नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
नई टिहरी। तिवाड़गांव क्षेत्र के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण से हुए नुकसान का मुआवजा और क्षतिग्रस्त संपत्तियों की मरम्मत की मांग को लेकर जाख-डोबरा मोटर मार्ग पर तीन घंटे तक चक्का जाम किया। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो लोनिवि के खिलाफ आंदोलन तेज किया जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि सूल्याधार-ज्यूंदासू-पनेथ मोटर मार्ग से हुए भूधंसाव के कारण हडगी की पेयजल लाइन चार साल से क्षतिग्रस्त पड़ी है। कई बार शिकायत करने पर भी मरम्मत नहीं की जा रही है । गोरण, सुरीधार की पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। भूधंसाव होने से डडुवा में योगेंद्र डोभाल, राजेंद्र प्रसाद और ज्ञानेंद्र प्रसाद के घरों में दरारें पड़ गई है। ग्रामीणों ने कहा कि लोनिवि को अवगत कराने पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मौके पर पहुंचे अवर अभियंता क्षेत्रपाल ने 10 दिन में समस्या हल करने का भरोसा देने पर ही साढ़े बारह बजे जाम खोला गया। उन्होंने कहा कि तय समय पर समस्या हल नहीं की गई तो फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा। जाम लगाने वालों में विनोद रावत, योगेंद्र डोभाल, ज्ञानेंद्र प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद डोभाल और सत्ये सिंह राणा आदि शामिल थे।
बादल फटने से दो गांवों में तबाही
बड़कोट। बादल फटने से उपराड़ी और बसराड़ी गांव के कई घरों में मलबा भर गया गया। जिस कारण लोगों का काफी नुकसान हो गया। गाड़-गदेराें के उफान पर आने से गांव के संपर्क मार्ग भी तहस-नहस हो गए।
बुधवार की रात नौगांव ब्लाक के उपराड़ी गांव के ऊपर दरमैली तोक में बादल में फट गया। इससे गांव के आसपास से बह रहे गाड़-गदरे उफान पर आ गए।पूरण सिंह रावत सहित कई अन्य ग्रामीणों के घरों में पानी के साथ मलबा घुस गया। संपर्क मार्ग के साथ ही बगीचे और कृषि भूमि भी बाढ़ की भेंट चढ़ गए। उधर, बसराड़ी गांव के ऊपर सुरभा तोक में भी बादल फटने से गांव के रणवीर सिंह, देवेंद्र सिंह के भवनों में मलबा घुस गया। गांव के पास के जंगल में देवदार के कई पेड़ भी बह गए। ग्रामीणाें ने पूरी रात दहशत में काटी। इधर, मुसलाधार बारिश के चलते नगर पंचायत बड़कोट के वार्ड दो और तीन के कई होटल और घरों में पानी घुस गया।
गदेरे उफने, घरों में घुसा मलबा
नौगांव। स्योरी फल पट्टी में बुधवार की रात हुई मूसलाधार बारिश से नौगांव गदेरा उफान पर आने के कारण मलबा दुकानों और मकानों में घुस गया। लोगों ने अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली।
अतिवृष्टि से पेयजल लाइन ध्वस्त हो गई जिससे क्षेत्र में पेयजल का संकट हो गया। स्कबर चोक हो गए जिससे नौगांव बाजार में कीचड़ हो गया और पैदल आवाजाही भी मुश्किल हो गई है। स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने शीघ्र स्कबर खुलवाने तथा बाजार में पसरा मलबा साफ कराने की मांग की है।
