
पौड़ी। गोबिंद बल्लभ पंत इंजीनियरिंग कालेज घुड़दौड़ी में आयोजित नेशनल कांफ्रेंस में मेकैनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोधों पर चर्चा की गई। इस मौके पर देश के विभिन्न स्थानों से आए 50 शोध कर्ताओं के शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।
मेकैनिकल इंजीनियरिंग विभाग की पहल पर कालेज के महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में ‘‘रिसेंट एडवांस इन मेकैनिकल इंजीनियर ’’ विषय पर आयोजित व्याख्यानमाला का शुभारंभ कालेज के प्राचार्य प्रो. अनुराग स्वामी ने किया। शोधकर्ताओं ने मेकैनिकल इंजीनियरिंग के यांत्रिकी और अभियांत्रिकी विषय पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। मेकैनिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष डा. केकेएस मेर ने कहा कि ग्रेडेट कंपोजिट मैटेरियल बनाने के लिए नवीनतम तकनीक काफी उपयोगी है। इन तकनीकों से पदार्थों को बनाने में कम लागत आ रही है। गढ़वाल विश्व विद्यालय के डा. बृजेश गांगिल ने कहा कि ग्रेेडेट कंपोजिट पदार्थ का उपयोग अंतरिक्ष यानों में ताप को सहन करने वाले पदार्थों के तौर पर किया जा सकता है। इस मौके पर डा. आरबी पटेल ने कहा कि आपदा प्रबंधन कार्य में कंप्यूटर और इंटरनेट अहम भूमिका अदा कर रहा है। व्याख्यान माला में डा. वीएम मिश्रा, हेमंत कुमार, अमित जोशी, पवन कुमार पंत, लालता प्रसाद, संजय सिंह सामंत, मनोज कुमार पाठक और डा. किरीट सेमवाल समेत कई लोगों ने विचार रखे।
