आ गया रेल बजट, इन वादों का क्या होगा?

खुल गया वादों का पिटारा

खुल गया वादों का पिटारा

रेल बजट पेश किया जा चुका है। पिछले बजट की तरह इस बार भी कई वादों का पिटारा आम जनता के सामने आ चुका है, लेकिन कई योजनाएं पर अब भी ‌स्थिति साफ नहीं हुई है।

मंगलवार को रेल मंत्री सदानंद गौड़ा ने कुछ और नए वादों की झड़ी लग दी है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर के यात्री अभी भी कई सुविधाओं से महरूम हैं।

क्या नरेंद्र मोदी सरकार का पहला रेल बजट दिल्ली एनसीआर की जनता की इन उम्मीदों पर खरा उतरेगा?

आ गया रेल बजट, इन वादों का क्या होगा?

क्या अब बनेगा ‘आदर्श स्टेशन’

क्या अब बनेगा ‘आदर्श स्टेशन’

दिल्ली के मुख्य स्टेशन ‘आदर्श स्टेशन’ जैसी सुविधा से लैस नहीं हो सके। नई दिल्ली स्टेशन की बात छोड़ दी जाए तो निजामुद्दीन, पुरानी दिल्ली, आनंद विहार और सराय रोहिल्ला समेत कई स्टेशन पर आज भी सुविधाओं का अभाव है।

कई छोटी योजनाएं भी लटकी हैं। कई साल बीतने के बाद भी बिजवासन रेलवे स्टेशन का निर्माण अधूरा है। इसी तरह आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर भी पूर्वांचल की तरफ जाने वाली ट्रेन शिफ्ट नहीं हुई।

क्या इस खास सेवा से रह जाएंगे महरूम

क्या इस खास सेवा से रह जाएंगे महरूम

ई-वेटिंग टिकट और टिकट खिड़की से लिए गए वेटिंग टिकट लेने वालों को कंफर्म स्टेटस मोबाइल पर मैसेज देने का वादा पूरा नहीं हो सका।

जबकि कहा गया था कि वेटिंग वाले स्वत: मोबाइल के माध्यम से अपडेट होते रहेंगे। वेटिंग टिकट वालों को रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद एसएमएस से अलर्ट कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

आ गया रेल बजट, इन वादों का क्या होगा?

आज भी चलती है डीजल शटल

आज भी चलती है डीजल शटल

दिल्ली-एनसीआर में आज भी डीजल शटल चलती है। रेलवे ने कहा था कि दिल्ली-रेवाड़ी, दिल्ली-सहारनपुर-मेरठ, दिल्ली-हापुड़ ट्रैक (गाजियाबाद के बाद) को जल्द ही इलेक्ट्रिफाइड किया जाएगा।

यह योजना आधी दूरी तय कर हांफने लगी है। लिहाजा आज भी इस रूट पर डीजल शटल सेवा ही लोकल पैसेंजरों को मिलती है।

यही नहीं, यात्रियों को इंफोटेनमेंट की सुविधा नहीं मिल सकी। शताब्दी ट्रेन में सफर के दौरान लाइव प्रसारण के माध्यम से चैनल पर मनोरंजन देने का वादा किया गया था, जो पूरा नहीं हो सका। इसी तरह ट्रेन में मुसाफिरों को इंटरनेट भी नहीं मिला। जीपीआरएस से ट्रेन को लैस करने की सहूलियत से भी यात्री वंचित रहे।

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