आशा वर्कर पर होगा 800 की सेहत का जिम्मा

नूरपुर (कांगड़ा)। प्रदेश का स्वास्थ्य महकमा केंद्र की ओर से प्रायोजित राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन को सफल बनाने तथा गांव-गांव तक पहुंचाने के मकसद से जल्द ही आशा (अधिकृत सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता) की नियुक्ति करने जा रहा है। जनसंख्या अनुपात के आधार पर होने वाली इन नियुक्तियों के जरिये ग्रामीण महिलाओं को अंशकालीन रोजगार देने की योजना है। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आठवीं निर्धारित की गई है। अकेले नूरपुर स्वास्थ्य खंड में 135 आशा महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता नियुक्त की जा रही हैं। इस योजना के तहत एक आशा वर्कर पर 800 लोगों को प्रारंभिक चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का जिम्मा होगा। ये कार्यकर्ता ग्रामीण जनता एवं स्वास्थ्य सेवा केंद्रों के बीच एक कड़ी का काम करेंगी। नियुक्ति में पंचायती राज संस्थाओं की अहम भूमिका होगी। ग्रामसभा की बैठक में आशा का चयन किया जाएगा। जबकि, ब्लॉक स्तर पर गठित की गई तीन सदस्यीय (बीएमओ, बीडीओ और टीडब्ल्यूओ) कमेटी इस पर अपनी मोहर लगाएगी। ग्रामसभा की बैठक में एक से अधिक महिलाओं के नाम आते हैं तो उक्त कमेटी की ओर से इन महिलाओं का साक्षात्कार लिया जाएगा। अवैतनिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में नियुक्त की जा रही इन महिलाओं को काम के आधार (परफार्मेंस) पर सेवा राशि देने का प्रावधान रखा गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत आशा के प्रमुख 8 काम होंगे। स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों जैसे परिवार नियोजन आपरेशन के लिए महिलाओं को प्रेरित करना, टीकाकरण में सहयोग, परिवार नियोजन शिविरों में महिलाओं को लाने का काम करेंगी। इसके साथ ही आशा के पास एक दवाई की किट भी होगी और प्रारंभिक चिकित्सा केतौर पर आशा रोगियों को यह दवाई खिला सकती है। इस संदर्भ में बीएमओ डा. नीरजा गुप्ता ने बताया कि नूरपुर स्वास्थ्य खंड के तहत 135 आशा वर्कर की नियुक्ति की जा रही है। जिन्हें अंशकालीन कार्यों के आधार पर सेवा राशि निर्धारित की गई है।

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