
शिमला। बसों में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित रखने को लेकर निर्देश जारी होेने के बावजूद महिलाओं को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। महिलाओं को सीटें उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी बस ड्राइवरों-कंडक्टरों को सौंपी गई है। बावजूद इसके महिलाएं बसों में सीटों से महरूम हैं। महिलाओं को उनका हक दिलवाने के लिए परिवहन विभाग ने अब विशेष मुहिम शुरू की है। बसों में आरक्षण को लेकर शहर के लोगों और बसों के ड्राइवरों-कंडक्टरों को जागरूक करने के लिए अभियान शुरू किया गया है। परिवहन विभाग के अधिकारी लोगों को जागरूक करने के साथ साथ बसों का निरीक्षण भी कर रहे हैं। बुधवार को शहर के अलग अलग इलाकों में परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बसों का निरीक्षण किया। इस दौरान बस में सफर कर रहे यात्रियों और ड्राइवरों-कंडक्टरों को आरक्षित सीटों के बारे में जागरूक करवाया गया। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रविंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि बसों में आरक्षित सीटों के बारे में आम जनता तथा बसों के ड्राइवरों-कंडक्टरों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। जागरूकता अभियान के साथ साथ बसों का निरीक्षण भी किया जा रहा है।
दिक्कत हो तो कॉल करें
पुलिस को 100 नंबर या फिर ट्रैफिक पुलिस के कंट्रोल रूम 0177-2651850
सीट न दिलाई तो 10 हजार जुर्माना
महिलाओं को बसों में सीटें उपलब्ध न करवाने पर बस ऑपरेटर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पहली शिकायत पर बस का दो हजार जुर्माना होगा। दूसरी बार पकड़े जाने पर पांच हजार और तीसरी बार पकड़े जाने पर दस हजार जुर्माना होगा।
