
देहरादून। लोक सेवा आयोग के तहत आयुष डाक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया के तहत 250 आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र तो मिल गए हैं, लेकिन उन्हें यह पता नहीं चल रहा कि उन्हें नौकरी कहां करनी है। यह भी तय नहीं हो रहा कि उन्हें वेतन किस केंद्र से मिलेगा। उधर, डाक्टरों का आरोप है कि पैसे लेकर सुगम-दुूर्गम में तैनाती का खेल चल रहा है।
लोक सेवा आयोग में 458 डाक्टरों की चयन प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया में पहले से संविदा पर तैनात 340 डाक्टर भी शामिल हैं। इनमें से 250 को आयुर्वेद निदेशालय ने नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया है, लेकिन तैनाती स्थल का कोई जिक्र नहीं है। उत्तराखंड मेडिकल आफिसर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता डा. हरीश ने बताया कि अधिकांश डाक्टर दुर्गम स्थानों पर सेवाएं दे रहे थे।
उनका कहना है कि डाक्टर वेतन कहां से लेंगे, यह भी निदेशालय नहीं बता रहा है। डाक्टरों ने ज्वाइन तो कर लिया है, लेकिन इसका कोई प्रूफ नहीं दिया जा रहा। डाक्टरों का आरोप है कि निदेशालय में पैसे लेकर सुगम और दुर्गम स्थानों पर तैनाती का खेल चल रहा है। तैनाती के स्थानों का कोई मानक तय नहीं है। कायदे से जो डाक्टर पहले से दुर्गम स्थानों पर काम कर रहे हैं, उन्हें सुगम स्थानों पर तैनात किया जाना चाहिेए।
डाक्टरों की प्लेसिंग के संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। सोमवार तक सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। तैनाती स्थल के संबंध में पैसों के खेल वाली बात गलत है।
-देवेंद्र शर्मा चमोली, निदेशक आयुर्वेद एवं यूनानी निदेशालय
