
रुद्रप्रयाग। आपदा से हुई क्षति के आकलन के लिए जिला प्रशासन स्तर पर चार समितियाें का गठन किया गया है। ये समितियां आपदा से सरकारी, गैर सरकारी संपत्तियाें को पहुंचे नुकसान की रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएगी।
जिलाधिकारी दिलीप जावलकर ने बताया कि गुप्तकाशी से केदारनाथ धाम तक हुई क्षति के आंकलन के लिए एसडीएम ऊखीमठ की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है, जिसमें अधिशासी अभियंता लोनिवि ऊखीमठ और अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड रुद्रप्रयाग को सदस्य नामित किया गया है। द्वितीय जांच समिति में गुप्तकाशी से सौड़ी पुल तक हुई क्षति के आकलन के लिए एसडीएम जखोली को अध्यक्ष, ईई लोनिवि रुद्रप्रयाग और ईई आरईएस को सदस्य नामित किया गया। सौड़ी पुल से तहसील रुद्रप्रयाग क्षेत्रांतर्गत हुई क्षति के आकलन के लिए गठित समिति में एसडीएम रुद्रप्रयाग को अध्यक्ष और ईई सिंचाई खंड लोनिवि रुद्रप्रयाग, ईई आरईएस को सदस्य नामित किया गया है। तहसील जखोली क्षेत्रांतर्गत हुई क्षति के आकलन को गठित समिति में एसडीएम जखोली को अध्यक्ष और ईई लोनिवि रुद्रप्रयाग, ईई जल संस्थान रुद्रप्रयाग और ईई आरईएस रुद्रप्रयाग को सदस्य बनाया गया है।
नुकसान की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश
रुद्रप्रयाग। अपर जिलाधिकारी राघव लंघर ने जिले में आपदा से क्षतिग्रस्त ढाबाें, होटलाें और अन्य दुकानाें को हुए नुकसान संबंधी रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कलक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में एडीएम ने बताया कि आपदा प्रभावित निजी व्यवसायी श्रम विभाग, उद्योग विभाग तथा सराय एक्ट वाणिज्य कर रजिस्ट्रेशन अथवा बैंक ऋण संबंधी अभिलेख संबंधित एसडीएम कार्यालय में जमा करें, जिससे क्षति का वास्तविक मूल्यांकन हो सके। उन्हाेंने जांच समितियाें को जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेखित करने को कहा कि क्षतिग्रस्त दुकान का बीमा है अथवा नहीं। क्षति का आकलन लोनिवि निर्धारित मानकाें के आधार पर करेगी। एडीएम ने जांच रिपोर्ट एक पखवाड़े में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
