
जान माल केनुकसान के साथ ही दैवी आपदा ने प्रभावित जिलों के पांच हजार लोगों को बीपीएल की श्रेणी में खड़ा कर दिया है। सरकार इन प्रभावित परिवारों को अब इंदिरा आवास मुहैया कराएगी। जिलेवार परिवारों की यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी गई है। ये ऐसे परिवार हैं जिनके घर और खेत खलियान दोनों ही नष्ट हो गए हैं।
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राज्य सरकार ने केंद्र को जो रिपोर्ट भेजी है उसके अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ व बागेश्वर में ऐसे कुल पांच हजार परिवार हैं जिन्हें इंदिरा आवास की जरूरत होगी। इंदिरा आवास योजना का लाभ उन्हीं को दिया जाता है जो कि बीपीएल से नीचे जीवन यापन करते हैं। लेकिन विगत जून माह में आई दैवी आपदा ने उपरोक्त पांच जिलों के पांच पांच हजार परिवारों की हालत ऐसी कर दी है कि वें सब स्वत: ही बीपीएल की कतार में शामिल हो गए हैं।
राज्य सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया है कि इंदिरा आवास योजना की गाइडलाइन में शिथिलता बरतते हुए इन परिवारों को इंदिरा आवास मुहैया कराया जाना बहुत जरूरी है। क्योंकि इन सभी परिवारों केखेत खलियान से लेकर घर-दर सब नष्ट हो गए हैं। केंद्र को भेजी रिपोर्ट में यह उल्लेख भी किया गया है कि ऐसे भी तमाम परिवार हैं जिन्हें इंदिरा आवास दिया गया था और वह इस बार नष्ट हो गया। अब उनमें पुनर्निर्माण कराए जाने की गुंजाइश भी नहीं है।
रिपोर्ट दिल्ली जाकर केंद्र को सौंपी गई
राज्य सरकार ने मांग की है कि आवंटन का लक्ष्य इस बार राज्य सरकार पर ही छोड़ दिया जाए। और, बाढ़ के कारण तत्काल किसी तरह का प्रमाण पत्र दिया जाना भी संभव नहीं है। इन लोगों को इंदिरा आवास की प्रतीक्षा सूची व बीपीएल की बाध्यता से मुक्त रखना आवश्यक हो गया है। विगत दिवस ही यह रिपोर्ट दिल्ली जाकर केंद्र को सौंपी गई है।
प्रभावित जनपद – प्रभावित परिवारों के लिए इंदिरा आवास
उत्तरकाशी – 195
रुद्रप्रयाग – 1200
चमोली – 1050
पिथौरागढ़ – 2400
बागेश्वर – 155
