आपदा रोकने के लिए वैज्ञानिक सोच विकसित करें

घनसाली (टिहरी)। जीआईसी घुमेटीधार में दो दिनी जिलास्तरीय इंस्पायर अवार्ड विज्ञान प्रदर्शनी और प्रोजेक्ट प्रतियोगिता शुरू की गई है। प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र-छात्राओं की विज्ञान के प्रति बढ़ती क्षमताओं का आकलन किया जाएगा।
प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए डीईओ (माध्यमिक) डीसी सती ने कहा कि छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से देशभर में वर्ष 2008 से इंस्पायर अवार्ड कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य छात्रों को वैज्ञानिक तकनीकी से जोड़ना है। जिला समन्वयक एएन दूबे ने कहा कि मानव प्रकृति का अंधाधुंध दोहन कर आपदाओं को जन्म दे रहा है। इसे रोकने के लिए वैज्ञानिक सोच विकसित करनी होगी। जूनियर से लेकर उच्च शिक्षा के छात्रों की ओर से वैज्ञानिक शोध करने वाले को पांच हजार से सात लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। प्रदर्शनी में जाखणीधार, भिलंगना और कीर्तिनगर ब्लाक के छात्र-छात्राओं ने मॉडल प्रस्तुत किए। छात्र-छात्राओं ने राजस्थानी, मराठी और गढ़वाली सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। इस मौके पर डीईओ बीएस रावत, चंद्रकिशोर मैठाणी, बीईओ राम मिलन, गोविंद बडोनी, पारेश्वर बडोनी, विजयचंद रमोला, कमल सिंह सजवाण, कृष्णा गैरोला, रविंद्र राणा, उपेंद्र मैठाणी और लोकेंद्र रावत आदि मौजूद थे।

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