
पिथौरागढ़। सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि कुमाऊं क्षेत्र में आई आपदा पर सरकार का नजरिया शुरू में ढीलाढाला रहा। आपदा पीड़ित क्षेत्रों के दौरे से लौटने के बाद यहां अमर उजाला से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आपदा के बाद के शुरुआती दिनों में इस क्षेत्र की अनदेखी की। सरकार काफी देर से जागी। लेकिन अब राहत कार्य पटरी पर आ गया है।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केदारनाथ मंदिर के निर्माण और आपदा राहत की पहल को उन्होंने सियासी बताकर खारिज कर दिया। कहा कि मोदी सियासत कर आपदा के जख्मों को हरा कर रहे हैं। अलबत्ता सांसद ने गुजरात द्वारा दी जाने वाली सहायता को स्वीकार करने अथवा नामंजूर करने पर कोई टिप्पणी नहीं की।
टम्टा ने कहा कि आपदा की तबाही ने क्षेत्र को लहूलुहान किया है। इससे उबरने और आम जिंदगी के पटरी पर आने में लंबा समय लगेगा। अलबत्ता उन्होंने माना कि आपदा से सबक ले वन, खनन, बांध, नदियों के किनारों में निर्माण, पर्यटन नीति पर पुर्नविचार की जरूरत है। साथ ही पर्यावरण और विकास पर ऐसी दृष्टि की जरूरत है, जो विनाश को रोक विकास की राह दिखाए।
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