
उत्तरकाशी। जिला प्रशासन ने आपदा से जिले में अभी तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि की है। सुक्की नीचे गोलमू की उडार वाले चट्टानी हिस्से को पार करते समय भी कई लोगों के भागीरथी में गिरकर काल के गाल में समाने की पुष्टि प्रत्यक्षदर्शी कर रहे हैं।
आपदा में डुंडा प्रखंड के उडरी गांव में मकान पर मलबा गिरने से चार लोगों की मौत हुई थी। झाला में एक बकरी पालक की भी मलबे में दफन होने से मौत हुई। आपदा में रास्ते तबाह होने से जगह-जगह फंसे कुछ हृदयरोग के यात्री भी इन हालात को झेल नहीं पाए। ऐसे में चार तीर्थयात्री हार्टअटैक से काल के गाल में समा गए। मोरी में भी एक महिला के नदी में बहने की सूचना है। सबसे ज्यादा विकट स्थिति गंगोत्री की ओर से पैदल पहाड़ी पगडंडियां पार कर उत्तरकाशी आने वाले यात्रियों की है। सुक्की से नीचे गोलमू की उडार में गंगोत्री हाईवे का करीब तीन सौ मीटर हिस्सा पूरी तरह तबाह है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो इस हिस्से में पैर फिसलने से बंगाल की एक पर्यटक युवती समेत आधा दर्जन लोग भागीरथी में समा चुके हैं। यहां खतरनाक रास्ता पार करवाने के लिए सेना व आईटीबीपी के जवान तो दूर पुलिस के जवान तक तैनात नहीं किए गए हैं।
हेलीकाप्टर से निकाले 550 यात्री
उत्तरकाशी। अतिवृष्टि में गंगोत्री हाईवे कई जगह तबाह होने के कारण यात्रा मार्ग पर फंसे श्रद्धालुओं को निकालने के लिए भारतीय वायुसेना का आपरेशन मर्सी मिशन दिन भर चलता रहा। पांच एमआई17 तथा एक आर्मी के हैलीकॉप्टर की मदद से शनिवार को हर्षिल, भटवाड़ी व मनेरी से कुल 550 तीर्थयात्रियों को निकालकर चिन्यालीसौड़ हवाईपट्टी तक पहुंचाया गया। यात्रियों को बहुउद्देशीय सी-130 जे हक्यूलिस विमान से दिल्ली तथा सरसावा एयरबेस तक छोड़ा गया।
