
अगस्त्यमुनि। तहसील ऊखीमठ की ग्राम पंचायत फलईं के मरघट तोक में आपदा के दौरान कई लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे। वहीं इन खाली घरों को देख कुछ लोगों ने घरों से सामान ही चुरा लिया।
मरघट तोक में छह घरों से सात गैस सिलेंडर, तीन कलर टीवी, बर्तन और 15 हजार नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित पूर्व ग्राम प्रधान नाकोट बलवीर लाल, शंकर लाल, अनिल कुमार, माहेश्वरी देवी और शंकर बैंडवाला ने बताया कि 16/17 जून की जलप्रलय के बाद मरघट को जोड़ने वाले सभी संपर्क मार्ग और झूला पुल ध्वस्त हो गए थे। इस वजह से सभी लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे। रविवार को जब वह अपने घरों को देखने पहुंचे, तो देखा दरवाजों के ताले टूटे हुए थे और अंदर से सामान गायब था। उन्होंने बताया कि हमने अपने बच्चों की वजह से घर छोड़ा था। सोचा था कि स्थिति ठीक होने पर घर लौट जाएंगे। प्रकृति की मार से बच गए, लेकिन मानवों ने हमें नहीं बख्शा। उन्होंने कहा कि यदि विजयनगर से मरघट के लिए ट्रॉली लग जाती और रास्ते बन जाते, तो यह स्थिति नहीं आती।
