आपदा में अपने छूटे तो राखी पर नए रिश्ते बने

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ जल प्रलय में अपनों को खो चुके लोगों ने दुख भरे माहौल के बीच भी रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। रक्षाबंधन पर्व पर नए रिश्ते भी बने। पंतजलि सेवा आश्रम में 30 बहनों ने आश्रम में रह रहे भाइयों को राखी बांधी। इससे पूर्व आश्रम के यज्ञ कुंड में आहुतियां दी गई। इसके बाद सभी बहनें गुप्तकाशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची। जहां उन्होंने एनडीआरएफ के जवानों को राखी बांधी।
राखी बांधने वाली रेखा, विनीता, रचना और वंदना ने कहा कि केदारघाटी में काम कर रहे भाइयों को हम कुछ दे तो नहीं सकते, हां रक्षा सूत्र जरूर बांध सकते हैं। सेवा आश्रम में वह बच्चे रह रहे हैं, जिन्होंने आपदा में अपने पिता या भाइयों को खो दिया। घर से दूर आश्रम में रह रही बालिकाओें संगीता (लमगौंडी), सलोनी (धानी) और रितिका (त्रियुगीनारायण) ने क्रमश: अपने भाइयों सक्षम, प्रदीप और प्रवीण को राखी बांधी। केदारनाथ जलप्रलय में अपने पिता और छोटे भाई को खो चुकी सपना और शिवानी ने भी अपने स्कूल के चेयरमैन के पुत्रों मन्नू और श्रेय को राखी बांधी। वहीं आपदा के बाद अपने परिवार को देहरादून शिफ्ट कर चुके वीरेंद्र पंवार के घर में भी रक्षा बंधन मना। उनकी विवाहिता पुत्री पुत्री मंजू रुद्रप्रयाग से देहरादून अपने भाइयों रजत और अभिषेक को राखी बांधने पहुंची।
बंद सड़कों ने रोकी बहनों की राह
भाइयों के घर नहीं पहुंच पाई, तो कहीं पैदल नापी दूरी
मंडल में अभी भी 251 सड़कों पर बंद पड़ा है यातायात

पौड़ी। गढ़वाल मंडल में बरसात से 251 सड़कें बंद होने से रक्षाबंधन पर्व पर ग्रामीण क्षेत्रों में कई बहनें राखी बांधने के लिए भाइयों के घर नहीं जा पाई। वहीं कई बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए मीलों दूरी पैदल नापनी पड़ी।
रक्षाबंधन पर्व पर घर से दूर रह रही बहनें अपने भाइयों के घर जाती हैं और राखी बांधती हैं। मगर इस बार गढ़वाल मंडल में बरसात के कारण सड़कें बंद होने से बहनों को दिक्कतें झेलनी पड़ी। कई जगह बहनें भाइयों के घर नहीं जा पाई तो कहीं उन्हें पैदल ही दूरी नापनी पड़ी। पौड़ी जिले की सीकू कंडेरी, खिर्सू-मुसागली, दमदेवल, मटोली-नाईखेत समेत 50 सड़कें अभी बंद हैं। सड़कें बंद होने से मंडल में एक हजार से अधिक गांव यातायात सुविधा से कटे हुए हैं।

विभाग की ओर से बंद सड़कों को चालू करने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। सड़कों पर यातायात सुचारु करने के लिए जगह-जगह पर मशीनें लगाई हुई हैं। – आरपी भट्ट मुख्य अभियंता लोनिवि गढ़वाल मंडल पौड़ी।

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