आपदाः मोबाइल बताएगा लापता लोगों की सच्चाई

जून में आए जल प्रलय में लापता हुए श्रद्धालुओं की केदारघाटी में होने की सच्चाई जाने के लिए पुलिस उनके मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस कर रही है।

यह देखा जा रहा है कि 16/17 जून को लापता व्यक्ति की लोकेशन कहां थी। ताकि यह प्रमाणित हो सके की जिस व्यक्ति की गुमशुदगी दर्ज कराई गई है, वहां आपदा के दौरान यहां मौजूद था।

एफआईआर की विवेचना
पुलिस द्वारा विगत डेढ़ माह से केदारनाथ जल प्रलय में लापता हो गए लोगों के संबंध में दर्ज एफआईआर की विवेचना चल रही है। पुलिस द्वारा पूरे देश के 20 राज्यों में लापता लोगों की छानबीन की जा रही है।

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इस कार्य में लगभग 70 दारोगों की टीम लगाई गई है। जो लापता व्यक्ति के गांव में जाकर मिसिंग लोगों के वापस न लौटने के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटा रहे हैं। इसके लिए उनको लापता लोगों के गांवों/शहरों में भेजा गया है।

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दारोगा उनके घर में जाकर उनके पुष्ट नाम-पते, तीर्थयात्रा पर आने की तिथि, लापता व्यक्ति का मोबाइल फोन नंबर सहित स्थानीय पुलिस व लोगों से उनके वापस न लौटने की सूचना हासिल कर रही है। ताकि इस बात की पुष्टि हो सके कि लापता व्यक्ति घटना के दिन केदारनाथ या यात्रा मार्ग पर मौजूद था।

लाखों फोन नंबर पुलिस को मिले
इसके अलावा पुलिस ने स्थानीय स्तर पर केदारघाटी के मोबाइल फोन टावरों में घटना के दिनों में दर्ज मोबाइल फोन नंबर (डंप) लिए हैं। इसमें लाखों फोन नंबर पुलिस को मिले हैं। जिनकी स्क्रूटनी की जा रही है।

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