
मंडी। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा विधेयक को जल्दबाजी में लागू तो कर दिया, लेकिन अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि कितनी आबादी को यह खाद्य सुरक्षा मिलेगी।
धूमल ने कहा कि केंद्र सरकार देश की 120 करोड़ आबादी में से 80 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा के तहत राशन उपलब्ध करवाने की बात कर रही है। वहीं, राज्य सरकार ने इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं की है। हिमाचल प्रदेश में कभी 25 लाख तो कभी 35 लाख लोगों को खाद्य सुरक्षा बिल के तहत सस्ता राशन मुहैया करवाने की बात की जा रही है। इससे तो आधी आबादी सस्ते राशन से वंचित रह जाएगी। बीपीएल के सही आंकड़े न देने को लेकर वीरभद्र सरकार ग्राम पंचायतों को भंग करने की बात कर रही है। संविधान के 73वें संशोधन में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है।
मंत्रियों और अधिकारियों के विदेश दौरों के सवाल पर धूमल ने कहा कि अगर दस लाख खर्च करके प्रदेश को सौ-डेढ़ सौ करोड़ का फायदा होता इसमें कोई हर्ज नहीं है। धूमल ने शिंदे के बयान पर टिप्पणी की कि गृहमंत्री ने अपने पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर दोषियों और निर्दोष का अंतर करना गलत है।
