
बिलासपुर। तीन वर्ष के बाद कृषि उपज विपणन समिति (मार्किट कमेटी) ने अपने भवन की दुकानों को दस फीसदी किराया तो जरूर बढ़ा दिया। दुकानदार किराया देने से क न्नी काट रहे हैं। एक साल पहले बढ़ाए गए दस प्रतिशत किराये की राशि लटक गई है। लिहाजा, मार्केट कमेटी ने ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर दिए हैं। बढ़े हुए किराये के लगभग डेढ़ लाख रुपये दुकानदारों के पास फंसे हुए हैं। लगभग दो लाख रुपये की रिकवरी भी कर ली गई है।
जिला मार्केटिंग कमेटी को कई दुकानदार बढ़े हुए किराए की अदायगी नहीं कर रहे हैं। दुकानदार पुराने किराये ही अदायगी कर रहे हैं। इससे मार्केटिंग कमेटी को नुकसान उठाना पड़ रहा है। करीब तीन लाख रुपये की राशि दुकानदारों के पास किराये के रूप में फंसी हुई थी। कुछ महीने पहले भेजे नोटिस के बाद इनमें से लगभग डेढ़ लाख रुपये की रिकवरी भी हो गई है।
जानकारी के अनुसार मार्केटिंग कमेटी द्वारा दुकानदारों को दुकानें किराए पर दी गई हैं। मार्केटिंग कमेटी में अलग-अलग प्रकार की दुकानें हैं। कई दुकानों के किराये करीब नौ सौ रुपये या फिर कई दुकानों के किराये करीब दो हजार रुपये तक निर्धारित किए गए हैं। बताया जा रहा है कि दुकानदार वहीं किराया अदा कर रहे हैं, जो मार्केटिंग कमेटी द्वारा पहले से निर्धारित किया गया था। हर तीन साल बाद होने वाले किराये के रिवाइज के बाद कमेटी ने सभी दुकानों के किराये में दस प्रतिशत का इजाफा कर दिया।
मार्किट कमेटी के भवन में करीब 45 दुकानें चल रही है। दस फीसदी किराये के बाद कुछ फ्लोर का किराया 883 रुपये प्रति माह प्रति दुकान है तो कुछ का 1980 रुपये प्रति माह।
मार्केट कमेटी सचिव सुशील गुलेरिया ने कहा कि बढ़े हुए किराये की अदायगी नहीं होने के कारण करीब तीन लाख रुपये की राशि दुकानदारों के पास फंसी हुई थी। इनमें से कुछ रिकवरी भी हो गई है। अब लगभग डेढ़ लाख रुपये लेना बाकी है। आधा दर्जन दुकानदारों को नोटिस भेजे गए हैं।
