
चंबा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में जिला प्रशासन ने जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिले में आधार नंबर युक्त राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया के तहत राशनकार्ड बनवाने के लिए ग्रामीण इलाके में आवेदन फार्म पंचायत सचिव, शहरी क्षेत्र में फार्म खाद्य आपूर्ति निरीक्षक से मिलेंगे। उपायुक्त संदीप कदम ने बताया कि इन फार्मों को भरकर 20 जनवरी तक जमा करवाना होगा। पंचायत सचिव अपने हस्ताक्षर व मोहर के साथ इन फार्मों को खाद्य आपूर्ति निरीक्षण के पास 25 जनवरी तक जमा करवाएंगे। निरीक्षक इन फार्मों को 31 जनवरी तक जिला के खाद्य आपूर्ति नियंत्रक के कार्यालय में जमा करवाएंगे। खाद्य आपूर्ति नियंत्रक फार्मों को एक फरवरी को वेंडर को सौंपेंगे, ताकि राशन कार्ड डाटाबेस का कंप्यूटराइजेशन शुरू हो हो सके। उपायुक्त ने कहा कि कंप्यूटराइज्ड डाटा की वेरिफिकेशन का काम 15 मार्च, 2014 तक हर हाल में पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में होने वाली इस व्यवस्था का मकसद खाद्य वितरक की व्यवस्था में कार्य कुशलता व पारदर्शिता लाना है। ई-पीडीएस नामक इस व्यवस्था के चलते खाद्य वितरण की खामियां भी दूर हो सकेंगी। राशन कार्ड परिवार की सबसे उम्रदराज महिला के नाम पर बनेगा। उपायुक्त ने ये भी बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने से पहले जिन बीपीएल परिवारों को 35 किलो सस्ता राशन मिलता था, उन्हें अधिनियम के प्रावधानों में भी 35 किलो प्रति परिवार प्रति माह राशन देने की व्यवस्था की गई है।
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ये रहेंगी सस्ते राशन की दरें :
खाद्य सुरक्षा अधिनियम में मिलने वाली गंदम की कीमत दो रुपये और चावल तीन रुपये प्रति किलो होगी। बीपीएल गंदम 5.25 रुपये और चावल की प्रति किलो दर 6.85 रुपये रहेगी।
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प्रति परिवार इस तरह मिलेगा राशन :
खाद्य सुरक्षा अधिनियम और बीपीएल कोटे के तहत एक सदस्यीय परिवार से लेकर छह सदस्य वाले परिवार को प्रति माह 20 किलो गेंहू व 15 किलो चावल मिलेंगे। परिवार की संख्या के आधार पर गंदम व चावल की मात्रा में अंतर जरूर है, लेकिन माह का पूरा कोटा 20 किलो गेंहू व 15 किलो चावल ही मिलेगा। सात सदस्यीय या इससे अधिक संख्या वाले परिवार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत तीन किलो प्रति सदस्य के आधार पर गेंहूं और दो किलो प्रति सदस्य की दर से चावल मिलेंगे।
