
जम्मू

आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के कश्मीर सरगना रियाज नायकू का मारा जाना पुलिस, सेना और सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी है। पुलिस के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि इससे जवानों का हौसला बढ़ा है। कश्मीर में हर एक छोटी-बड़ी आतंकी साजिश रियाज नायकू ही रचता था। अब उसके खात्मे के बाद सुरक्षाबलों का अभियान और तेज होगा।
डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि आतंकवादी उत्तर कश्मीर में अपना बेस बनाना चाहते हैं लेकिन इस वर्ष और उसके पहले के वर्षों में बड़े स्तर पर आतंकियों को जिंदा पकड़ा गया। कई आतंकियों को मारा भी गया। उत्तर कश्मीर और दक्षिण कश्मीर दोनों में ही आतंकियों की गतिविधियों को जांच के दायरे में रखा गया है। रियाज नायकू पर भी पूरी नजर थी और वह मारा गया। वहीं सूत्रों का कहना है कि सेना की ओर से कश्मीर में ऑपरेशन ऑल आउट के तहत अब आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी। बहुत से क्षेत्रों में सेना की ओर से नई रणनीति के तहत ऑपरेशन चलाए जाएंगे।
रमजान में 48 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन
पाकिस्तान ने रमजान में भी कश्मीर और एलओसी पर खून खराबा बंद नहीं किया है। रमजान में अब तक एलओसी पर राजोरी, पुंछ, पलांवाला, कुपवाड़ा, बारामुला आदि में 48 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया है। रमजान के दौरान ही कश्मीर में 10 से 12 आतंकी हमले हुए हैं। इसमें सुरक्षाबलों ने अपने आठ जवान भी खो दिए।
