
रामनगर तहसील का पहाड़ी व दूर-दराज क्षेत्र बसंतगढ़ फिर आतंकवाद की गतिविधियों का गढ़ बन रहा है। वर्ष 2006 में आतंकियों ने यहां के लोलान गला में 13 लोगों के नरसंहार की घटना को अंजाम दिया था। तब से यहां साल दर साल कई घटनाएं हो चुकी हैं।
वर्ष 1996 में रामनगर तहसील के क्षेत्रों में आतंक चरम पर रहा है। सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई के बाद आतंकियों ने अपना ठिकाना बदल लिया। बसंतगढ़ की सीमा से लगते भद्रवाह, डोडा, किश्तवाड़ और कठुआ जिले के बनी बसोहली, बिलावर जैसे क्षेत्रों को आतंकियों ने आने-जाने के रूट के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। एक बार फिर से इन क्षेत्रों में सुरक्षाबलों की बड़ी संख्या में तैनाती के बाद आतंकियों ने पुराने रूट बसंतगढ़ को सक्रिय कर दिया है।
सलाथिया और दोमेल चौक पर धमाकों के तार भी बसंतगढ़ से जुड़े
