आठ जून को है शनि अमावस्या

हरिद्वार। आगामी आठ जून को पड़ने वाली ज्येष्ठ अमावस्या वास्तव में शनि अमावस्या होगी। इस वर्ष के मंत्री भी शनि हैं इसलिए अद्भुत संयोग ज्येष्ठ मास में पड़ने जा रहा है। इसी दिन वट सावित्री पर्व और व्रत मनाया जाएगा। ज्येष्ठ अमावस्या को ही पितरों के अनेक कर्म पवित्र नदियों के तट पर संपन्न होंगे।
वर्ष में पड़ने वाली 12 अमावस्याएं पितरों के निमित्त होती हैं। जो अमावस्या सोमवार पड़े, उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। शनि अमावस्या को भी महत्वपूर्ण दर्जा प्राप्त है। विशेष रूप से उत्तरायण और ज्येष्ठ मास में यदि रोहिणी नक्षत्र के होते हुए शनि अमावस्या पड़े, तो फिर यह अमावस्या पितृदोष निवारण के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। आठ जून को पड़ रही शनिश्चरी अमावस्या गंगा के स्नान से भी जुड़ी है। चूंकि पराभव नामक सम्वत्सर के मंत्री शनि हैं, इसलिए शनिश्चरी अमावस्या को लाखों श्रद्धालु न केवल गंगा स्नान करेंगे बल्कि पितृ दोषों का भी निवारण करेंगे।
ज्येष्ठ अमावस्या के दिन वट सावित्री व्रत पड़ रहा है। यह व्रत देश की लाखों महिलाएं रखती हैं। इसी दिन यम पाश से सावित्री अपने पति सत्यवान को छीनकर ले आई थी। सुहागिन महिलाएं इस व्रत को बहुत पवित्र मानती हैं और श्रद्धापूर्वक मनाती हैं।

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