
नई दिल्ली

कोरोना वायरस के कारण करीब तीन महीने से बंद दिल्ली एम्स की ओपीडी आज यानी 25 जून से पहले की तरह खुल गई है। एम्स के ही एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 25 जून से एम्स में ओपीडी सेवाएं बहाल हो गई हैं।
आज से एम्स के न्यू ओपीडी ब्लॉक में मरीजों का उपचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोरोना के चलते पहले से तय सर्जरी और ओपीडी को रोक दिया गया था। हालांकि लॉकडाउन में आपातकालीन सेवाएं और उपचाराधीन मरीजों के लिए टेलीकम्युनिकेशन सेवाएं जारी रखी गई थीं, जिनकी मदद से हजारों मरीजों को चिकित्सीय सलाह उपलब्ध कराई गई।
हालांकि दिल्ली एम्स में अब तक 1300 से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मचारी और उनके परिजन कोविड संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इसे लेकर प्रबंधन भी थोड़ी परेशानी में है, क्योंकि फिर से चिकित्सीय सेवाएं शुरू करने के लिए स्टाफ का आना भी जरूरी है।
हालांकि एम्स प्रबंधन का कहना है कि इनमें से 75 फीसदी स्टाफ वापस काम पर आ चुका है। दिल्ली एम्स में ट्रॉमा सेंटर और झज्जर कैंपस को कोविड विशेष बनाया हुआ है। वहीं प्राइवेट न्यू वार्ड और बर्न एवं प्लास्टिक ब्लॉक की दो मंजिल को कोरोना वायरस के लिए आरक्षित किया है।
एम्स ओपीडी के लिए सीधे न पहुंचें अस्पताल, पहले फोन कर लें जानकारी
दिल्ली के एम्स अस्पताल में गुरुवार से ओपीडी सेवाओं की शुरुआत हो गई है। लेकिन इसके लिए आप सीधे अस्पताल न पहुंचें क्योंकि अभी ओपीडी सेवा सभी कैटेगरी के मरीजों के लिए शुरू नहीं की जा रही है।
पहले से इलाज करा रहे मरीजों के लिए सबसे पहले ओपीडी सेवाओं की शुरुआत हो रही है। इसके लिए भी पहले अस्पताल में फोन कर समय लेना पड़ेगा। अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्दी ही यह सभी मरीजों के लिए खोल दी जाएगी। सीधे काउन्टर पर पहुंचकर कोई ओपीडी सेवा प्राप्त नहीं की जा सकेगी।
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए एम्स में 24 मार्च से ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई थीं। एम्स के सीनियर डॉक्टर विजय कुमार के मुताबिक इलाज के दौरान कोरोना संक्रमण से बचने के लिए पूरी सावधानी बरती जाएगी।
अस्पताल आने वाले सभी मरीजों का तापमान चेक किया जाएगा। कोरोना से संबंधित कोई लक्षण न होने वाले मरीजों को ही ओपीडी के अंतर्गत इलाज किया जाएगा। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए प्रति विभाग केवल 15 मरीजों को ही बुलाया जाएगा। स्थिति के हिसाब से इस संख्या में बढ़ोतरी की जा सकती है।
