
नालागढ़ (सोलन)। राष्ट्रीयकृत बैंक फिर से दो दिन बंद रहेंगे। पे रिवीजन और बैंकिंग रिफार्म को लेकर बैंक कर्मियों की 10 और 11 फरवरी की दो दिवसीय हड़ताल रहेगी। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ेगा। नेशनल आर्गनाईजेशन ऑफ बैंक वर्कर और यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीओ) के आह्वान पर की जाने वाली यह हड़ताल राष्ट्रीयकृत बैंक कर्मचारियों की पे स्केल का रिवीजन न होने को लेकर है। पे रिवाइज और बैकिंग रिफार्म को लेकर होने वाली इस हड़ताल में नालागढ़ क्षेत्र के राष्ट्रीयकृत बैंक भी बंद रहेंगे। ध्यान रहे शनिवार होने के चलते बैंकों में आधे दिन कामकाज रहेगा। इसलिए जरूरी काम हो तो जल्द निपटा लें।
कंपनियों और ट्रांसपोर्टरों पर पड़ेगा असर
नालागढ़। हड़ताल का सबसे अधिक असर बीबीएन औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक इकाईयां और ट्रांसपोर्टरों को झेलना पड़ेगा। उद्योगों में प्रतिदिन करोड़ों अरबों रुपयों का कारोबार बैंकों के माध्यम से होता है। लेकिन बैंकों की हड़ताल औद्योगिक इकाईयों के कारोबार पर विपरीत असर पड़ेगा। चैक लेन देन के लिए क्लीयरेंस के लिए बैंकों में आए हैं, वह हड़ताल के बाद चंडीगढ़ स्थित क्लीयरेंस हाउस में जाएंगे। बीबीएन उद्योग संघ के अध्यक्ष राजेंद्र गुलेरिया, महासचिव यशवंत सिंह गुलेरिया आदि ने कहा कि यदि बैंक आधे घंटे के लिए भी बंद रहता है तो उद्योगपतियों और लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहां तो बैंक दो दिन बंद रहेंगे, जिससे उद्योग जगत पर इसका सीधा और विपरीत असर पड़ेगा।
सहमति न बनने के चलते है हड़ताल
स्टेट बैंक ऑफ पटियाला इंपलाइज यूनियन के एजीएस तिलक राज शर्मा, आल इंडिया पीएनबी आफीसर एसोसिएशन शिमला जोन के एग्जीक्यूटिव मेंबर हरिराम धीमान ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र बैंकों के कर्मचारी संगठनों और प्रबंधन के बीच वेतन वृद्धि पर सहमति न होने से 10 फरवरी से दो दिवसीय हड़ताल की जा रही है।
