
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। प्राथमिक स्कूल कोछड़ी में हुए दर्दनाक हादसे ने सरकारी तंत्र पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सब से पहला सवाल यह उठता है कि जब स्कूल में मिड डे मील बनाने के लिए अलग से कर्मचारी और रसोई घर है तो स्कूली बच्चों के पास चाबी क्यों दी गई। वहीं, बच्चों ने रसोई घर की चाबी निकाल कर रसोई घर क्यों खोला। क्या स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को सुबह आकर स्कूल में सफाई करने और रसोई घर में पानी भरने के लिए कहा था? ऐसे ही कई सवाल घटना के बाद खड़े हो गए हैं। हालांकि शिक्षा विभाग ने विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
शिक्षा विभाग ने स्कूल में मिड डे मील के दो लिए दो वर्कर और रसोई घर का अलग से प्रावधान कर रखा है। वहीं, शिक्षा विभाग के साफ आदेश हैं कि स्कूल में बच्चों से किसी भी प्रकार का काम नहीं लिया जाएगा, लेकिन कोछड़ी में बच्चों के पास स्कूल की चाबी देना कई सवाल खड़ा कर रहा है। बच्चों के अभिभावकों में फूंजा देवी, संजना देवी, सोनिया, मिना, संतोष और शीला देवी का कहना है कि इससे पहले भी बच्चों को कई बार स्कूल की साफ सफाई करने के लिए कहा जाता रहा है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि शायद बच्चों को साफ सफाई करने और पानी भरने को कहा गया होगा। क्योंकि स्कूल का वाटर गार्ड पहले से ही अवकाश पर है। इस कारण शुक्रवार को यह हादसा हुआ। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर इस हादसे में किसी की जान चली जाती तो कौन जिम्मेवार होता। शिक्षा विभाग या फिर शिक्षक? इधर, इस बारे में शिक्षा खंड सराहन के बीईपीओ अमोलक राम का कहना है कि विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच के बाद ही कारणों का पता लग पाएगा।
