
जोगिंद्रनगर (मंडी)। महंगाई के दौर में कारोबारियों को कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। ऊपर से वैट की मार भी पड़ रही है। लाइसेंस नवीनीकरण की फीस भी बढ़ा दी गई है। व्यापारियों का कहना है कि सरकार उनसे करोड़ों का वैट और टैक्स वसूल रही है, बदले में उन्हें कोई भी सहूलियत नहीं दी जा रही है। जोगिंद्रनगर के व्यापारी भी इस तरह की दिक्कतों से जूझ रहे हैं।
व्यापार मंडल जोगिंद्रनगर के प्रधान रमेश सूद का कहना है कि यहां के व्यापारियों को आज भी अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग मंडी जाना पड़ता है। जिससे समय और पैसों का नुकसान उठाना पड़ता है। यदि व्यापारियों के लिए विभाग सभी सुविधाएं जोगिंद्रनगर में उपलब्ध करवा दे तो उनके समय और पैसे की बचत होगी। व्यापारी करोड़ों रुपये सरकार को टैक्स के रूप में देते हैं, लेकिन मुश्किल वक्त पर सरकार की तरफ से कोई सहायता नहीं मिलती है। व्यापारी को आकस्मिक दुर्घटना, मृत्यु या मुसीबत में वैट टैक्स में से कुछ प्रतिशत राहत राशि सहायता के रूप में दी जानी चाहिए।
व्यापारी राजेंद्र शर्मा का कहना है कि बाहरी क्षेत्रों के व्यापारी जोगिंद्रनगर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में अपनी गाड़ियों से सामान छोड़ते हैं। जिसके चलते शहर के दुकानदारों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। बाहरी क्षेत्रों से आने वाले व्यापारियों पर अंकुश लगना चाहिए।
व्यापारी प्रदीप शर्मा, देशराज सूद का कहना है कि शहर में पहले लोडिंग और अनलोडिंग प्वाइंट चिन्हित थे। अब इन स्थानों पर अनलोडिंग और लोडिंग बंद करने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि व्यापारियों और ग्राहकों की सुविधा के लिए शहर में लोडिंग और अनलोडिंग प्वाइंट को बहाल कर राहत प्रदान की जाए।
व्यापारी रमेश बंटा, ज्ञान ठाकुर, दुनी चंद राठौर, विपन सूद, अजय सूद, विकास सूद, भुवनेश पंत का कहना है कि खाद्य हेल्थ लाइसेंस के नवीनीकरण की फीस भी अत्यधिक होने से व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लाइसेंस नवीनीकरण के लिए परचून व्यापारियों को सौ रुपये तथा थोक विक्रेता को दो हजार रुपये अदा करने पड़ते हैं।
