
बिलासपुर। नगर परिषद बिलासपुर में राशन कार्ड बनाने के लिए फीस को लेकर चल रहा विवाद शांत नहीं हुआ है। ज्यादा फीस वसूलने की शिकायत पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा नगर परिषद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद अब बचे हुए उपभोक्ताओं के राशनकार्ड नहीं बन रहे। इससे स्थानीय लोगों सहित बाहर से स्थानांतरित होकर आए कर्मचारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एक हजार से अधिक लोगों के अभी तक राशन कार्ड नहीं बन पाए हैं। उपभोक्ता खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के दफ्तर जाए तो जवाब मिलता है, नगर परिषद कार्ड बनाएगी। नप भी उपभोक्ताओं को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पास भेज रही है। ऐसे में आम उपभोक्ता परेशान है। आखिर कौन बनाएगा बचे हुए उपभोक्ताओं के राशन कार्ड। सरकार ने नगर परिषद को ही कार्ड बनाने के आदेश दिए हैं, परंतु नगर परिषद ने पहले ली गई फीस की तर्ज पर ही कार्ड बनाने की डीएफसी से लिखित एनओसी मांगी है। जो विभाग देने को तैयार नहीं है। उपभोक्ता रमेश, देवेंद्र, अनीता, कांता ने कहा कि उनका राशन कार्ड नहीं बना है।
अध्यक्ष नगर परिषद बिलासपुर रजनी शर्मा ने कहा कि राशनकार्ड संबंधी रजिस्टर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पास है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग राशन कार्ड बनाने वालों को नगर परिषद भेज रहा है। अप्रैल में पत्र के माध्यम से विभाग से अनुरोध किया गया है कि जो फीस नगर परिषद ने नगर पालिका अधिनियम 1994 की धारा 66 के तहत निर्धारित है। एनओसी मिले तो नप को कार्ड बनाने से कोई ऐतराज नहीं है। अन्यथा जनहित में विभाग स्वयं राशनकार्ड बनाएं।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक शिव राम ने कहा कि विभाग का इंस्पेक्टर तमाम रिकार्ड लेकर नगर परिषद के कार्यालय गए थे। नप के अधिकारियों ने रिकार्ड लेने से इंकार कर दिया। पत्र लिखा गया है। सरकारी आदेशानुसार नगर परिषद ही राशनकार्ड बनाने के लिए अधिकृत है।
