
कर्णप्रयाग। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में भाग्य आजमाने वाले नेताजी आपदाग्रस्त क्षेत्रों का खूब दौरा कर रहे हैं। प्रभावितों को समस्याएं हल करने के आश्वासन भी दे जा रहे हैं। लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हैं।
ब्लाक के तेफना, थिरपाक, बांतोली, नौली, हिंडोली, कोठी, कंडारा, सुनाली, सिंलगी, सैंज, डोंठला, स्वर्का, धल, कांचुला, बणसोली, सेरागाड़, स्यान सहित कई गांवों में बादल फटने से बड़ी मात्रा में नुकसान पहुंचा है। 23 से 25 जुलाई को आपदा के बाद भले ही इन गांवों में निरीक्षण के लिए अफसर नहीं पहुंचे और राहत के प्रयास नहीं हुए। लेकिन स्थानीय और क्षेत्रीय नेताओं का आएदिन भ्रमण जारी है। स्वर्का के किशोरी प्रसाद का कहना है कि विधायक से लेकर भाजपा, कांग्रेस और अन्य नेता आएदिन आपदाग्रस्त गांवों में निरीक्षण को पहुंच रहे हैं और समस्याएं हल करने का आश्वासन भी दे रहे हैं। लेकिन अब तक पेयजल आपूर्ति तक की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई है।
हिंडोली के चंद्र सिंह का कहना है कि आपदा के 16 दिन में तकरीबन 50 से अधिक नेताओं ने आकर समस्या हल करने और निरीक्षण टीम भेजने का आश्वासन दिया। आज भी रास्ते बंद हैं और ग्रामीण बाजार नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में गांवों में रोटी का संकट बना है। उपजिलाधिकारी राहुल कुमार गोयल का कहना है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेकर राहत कार्य चलाया जा रहा है।
