आउट आफ टर्म पदोन्नति मामले में रिपोर्ट मांगी

बागेश्वर। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक रामेंद्र कुशवाहा ने कपकोट के भराकाने में आउट आफ टर्म पदोन्नति प्राप्त करने के बाद भी वहां शिक्षक के नहीं जाने के मामलेे में उप शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने रातिरकेठी और बिरूवाबिनौला में कई सालों से अधूरे पड़े निर्माण कार्यों के मामले में भी आख्या भेजने के निर्देश सर्व शिक्षा के सहायक अभियंता को दिए हैं।
कपकोट के उप शिक्षा अधिकारी को भेजे पत्र में उन्होंने कहा है कि 10 जून को समीक्षा बैठक में सांसद प्रदीप टम्टा और कपकोट के विधायक ललित फर्स्वाण ने इस बात की शिकायत की कि भराकाने जैसे दुर्गम क्षेत्र में जाने के नाम पर पईंयातोली के शिक्षक ने पदोन्नति ली। किंतु इसके बाद भी वह भराकाने नहीं गया। श्री कुशवाहा ने उक्त शिक्षक की वर्तमान तैनाती, पद स्थापन आदि के बारे में रिपोर्ट मांगी है। साथ ही उसे शीघ्र भराकाने विद्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं। सर्व शिक्षा के सहायक अभियंता को भेजे पत्र में भी उन्होंने विधायक और सांसद के भ्रमण के बाद सामने आए तथ्यों का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा है कि रातिरकेठी और बिरूवाबिनौला में भवन और अन्य निर्माण कार्य चार साल से भी अधिक समय से अधूरे हैं। उन्होंने उप शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए है कि वह मौके पर जाकर निरीक्षण करें। कार्य की संपूर्ण प्रगति के बारे में आख्या तैयार करके भेजें। उन्होंने कहा है कि जिलाधिकारी और सीडीओ ने सर्व शिक्षा में जिले भर में हुए कार्यों की जानकारी मांगी है। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी उप शिक्षा अधिकारियों को भेजे एक अन्य पत्र में कहा है कि उत्तराखंड सरकार ने नि:शुल्क अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार नियमावली में कक्षा एक से कक्षा आठ तक के छात्र-छात्राओं को शुल्क से मुक्त रखने के निर्देश दिए हैं। आठवीं तक के छात्र-छात्राआें से किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

Related posts