
शिमला। नगर निगम शिमला की जल एवं निकाय शाखा की आउटसोर्सिंग का विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार नगर निगम की संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति के बैनर तले सभी कर्मचारियों ने धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया। सभी ने एकजुट होकर शहर की जनता को आउटसोर्सिंग के विरोध में सहयोग देने की अपील की। इस दौरान निगम के पार्षदों के खिलाफ भी जमकर गुबार निकाला गया।
संयुक्त संघर्ष कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष ओपी ठाकुर, महासचिव सुखदेव मट्टू, जल एवं निकाय शाखा कर्मचारी यूनियन के महासचिव दिनेश चंद्र नौटियाल, भवन एवं मार्ग शाखा कर्मचारी यूनियन के प्रधान आशाराम, हीरा नंद कश्यप, कृष्ण कुमार बाली, मनोहर लाल अटवाल, प्रेम लाल वर्मा और रोशन लाल सहित कई अन्य ने धरना प्रदर्शन को संबोधित किया। म्युनिसिपल कारपोरेशन की जल एवं निकाय कर्मचारी यूनियन के महासचिव दिनेश चंद्र नौटियाल ने कहा इससे पूर्व भी सरकार ने कई कार्य निजी कंपनियों को दिए हैं। जिनमें से कई कार्यों को अधर में छोड़ कंपनियां भाग चुकी हैं। ठियोग-हाटकोटी सड़क का निर्माण कार्य इसका ताजा उदाहरण है। कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि आउटसोर्सिंग का असर कर्मचारियों के साथ-साथ शहर की जनता को भी भुगतना पड़ेगा। जिन पार्षदों का चयन शहर की जनता ने किया था वे निगम को बचाने में असफल साबित हुए हैं। शहर की जनता को इस मुद्दे पर एकजुट होकर प्रदेश सरकार पर दबाव बनाना होगा। उन्होंने कहा बीस मई तक रोजाना शाम को धरना दिया जाएगा। इस दौरान निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
