आउटर सिराज तक नहीं पहुंचे पर्यटक

आनी (कुल्लू)(भाग सिंह) प्रदेश के हर गांव को पर्यटन से जोड़ने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। क्योंकि पर्यटक अभी भी गांवों तक नहीं पहुंच पाए हैं। हर गांव की कहानी के तहत विकसित करने का जो कार्य शुरू किया गया था वह भी कमजोर पड़ गया है। इसमें कुल्लू जिले में आनी का शमशरी महादेव मंदिर प्रथम स्थान पर आया था और उस समय इस गांव को विकसित करने के कई दावे तो हुए और सरकार ने पैसा भी दिया, लेकिन सरकार बदलते ही वे दावे हवा हो गए। जिला कुल्लू के आउटर सिराज की अगर बात करें तो यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं है। यहां पर्यटकों को लुभाने के लिए जहां बेहतरीन संस्कृति है, वहीं कुदरत की मनमोहक वादियां भी हैं। आउटर सिराज में 10,281 फीट की ऊंचाई पर स्थित जलोड़ी जोत, सरेऊलसर झील और रघुपुर गढ़ सहित पनेऊ, टकरासी, बागासरहण जैसे खूबसूरत पर्यटन स्थल हैं। पर्यटकों के यहां दस्तक देने से जहां युवा वर्ग अपने लिए स्वरोजगार के अवसर तलाश सकते हैं।
हालांकि सरकार क्षेत्र में ईको टूरिज्म के तहत पनेऊ और टकरासी में पर्यटकों को ठहरने के लिए टेंट लगाने के सकारात्मक प्रयास तो कर रही है, लेकिन कई सालों की मेहनत के बावजूद जमीनी स्तर पर कार्य पूर्ण नहीं है। लोगों का कहना है कि जब तक मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं, तब तक सैलानी नहीं पहुंच पाएंगे। सांस्कृतिक तौर पर यहां देव संस्कृति, पौराणिक मंदिर हैं और अंग्रेजों की ओर से दूरदराज इलाकों में बनाए गए भवन है। वहीं, श्रीखंड जैसे धार्मिक स्थल भी यहां का गौरव बढ़ा रहे हैं, लेकिन आस है पर्यटकों की, जो केवल यहां की मूलभूत सुविधाओं की बुनियाद पर ही प्रवेश कर सकते हैं।

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