आईटी शिक्षकों ने मांगी ठीस नीति

धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश कंप्यूटर अध्यापक संघ की जिला स्तरीय बैठक रविवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शाहपुर में संपन्न हुई। इसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष दलजीत मन्हास ने की। कंप्यूटर शिक्षक संघ ने एकमत होकर प्रदेश सरकार से दीपावली से पहले उनके लिए ठोस नीति बनाने की मांग की है। जिला स्तरीय बैठक में 150 से ज्यादा आईटी शिक्षकों ने भाग लिया।
इस मौके पर संघ के प्रदेशाध्यक्ष ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि आईटी टीचरों के लिए दीपावली से पहले पीटीए की तर्ज पर नीति बनाई जाए, जिससे सभी कंप्यूटर शिक्षक एक सम्मानजनक वेतन के साथ अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। उन्होंने कहा कि आगामी माह से शुरू होने वाले नवरात्रों के दौरान शिक्षक संघ सीपीएस (शिक्षा) नीरज भारती की अगुवाई में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिलेंगे तथा अपनी समस्याओं व स्थिति के बारे में अवगत करवाएंगे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले शिक्षकों के लिए नीति बनाने पर संघ कांग्रेस पार्टी को पूरा समर्थन करेगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में तैनात आईटी शिक्षक पिछले 10 से 12 सालों से आईटी सोसाइटी के अधीन कार्यरत हैं। सोसाइटी द्वारा दो से तीन माह के बाद शिक्षकों को वेतन दिया जा रहा है। इससे उन्हें आर्थिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष गगनदीप, जिला सचिव ज्ञान सागर, प्रदेश कोषाध्यक्ष राजीव पठानिया, विशाल शर्मा, जसवीर सिंह, अंजु, कपिल चौधरी, सुमित, सीमा, अल्का, रविंद्र, सुरिंद्र शर्मा, मुनीष व अखिल आदि समेत सैकड़ों आईटी शिक्षक मौजूद रहे।

यह हैं शिक्षकों की मांगें
प्रदेश में 1700 तथा जिला कांगड़ा में तैनात 318 आईटी शिक्षकों में से अधिकतर पिछले 12 साल से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन सोसाइटी के तहत कार्यरत इन शिक्षकों के लिए अभी तक कोई नीति नहीं बन पाई है। आईटी शिक्षक प्रदेश सरकार से पीटीए की तर्ज पर खुद को सरकारी नीति के अंतर्गत शामिल करने की मांग कर रहे हैं।

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