
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) अस्पताल में सस्ती दवा मिलने का सपना टूटता नजर आ रहा है। रोगी कल्याण समिति की बैठक के लिए तैयार एजेंडे में जन औषधि केंद्र को बंद करने की सिफारिश की जा रही है। ‘अमर उजाला’ को मिली जानकारी के अनुसार जन औषधि केंद्र में तालाबंदी के बाद अब इसे हमेशा के लिए बंद करने पर मंथन किया जा रहा है।
रोगी कल्याण समिति की वार्षिक बैठक अब 25 जुलाई को होगी। यह बैठक 23 जुलाई को प्रस्तावित थी लेकिन इस दिन कैबिनेट मीटिंग होने के कारण इसकी तिथि आगे बढ़ा दी है। 13 साल में आईजीएमसी का वार्षिक खर्च 714.75 फीसदी बढ़ गया है। इस साल अलग अलग श्रेणियों में रोगी कल्याण समिति के तहत नए पद भरे जाने हैं। एजेंडे में मेडिकल और नर्सिंग स्टूडेंट को निशुल्क मेडिकल सुविधा, सड़क हादसों में घायलों को निशुल्क एमआरआई और सीटी स्कैन टेस्ट देने का प्रस्ताव भी है। अलग से एक नया मेडिसन काउंटर खोलने पर भी विचार होगा और इसका एक्सटेंशन काउंटर कैंसर अस्पताल में खुलेगा।
——-
जन औषधि दुकान का क्या करें
मरीजों को बाजार से कई गुणा सस्ते दामों पर दवा देने के लिए आईजीएमसी परिसर में 18-5-2011 को जन औषधि केंद्र खोला गया। यहां 319 दवा उपलब्ध करवानी थी जो मरीजों को बेहद सस्ते दामों पर मिलती लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने दिसंबर 2012 में इसे बंद कर दिया। मरीजों के हितों को ताक पर रखकर सभी नियमों को दरकिनार कर इस दुकान का आधा हिस्सा सिविल सप्लाई को दवा की दुकान चलाने के लिए दे दिया। आधे हिस्से में दवा की दुकान का स्टोर चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन जन औषधि दुकान को फिर से चलाने का इच्छुक नहीं दिख रहा। लिहाजा, बैठक में प्रस्ताव लाया जा रहा है कि अब जन औषधि केंद्र का क्या करें?
एक और मेडिसन काउंटर खोलेगा आईजीएमसी
अस्पताल प्रबंधन एक और नई दुकान परिसर में खोलने पर विचार कर रहा है। दावा किया जा रहा है कि सरकारी योजनाओं के तहत जितने भी मरीज आते हैं, उन्हें इसी दुकान से सारा सामान मुहैया करवाया जाएगा। इसके पीछे तर्क है कि मरीजों को भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी और आसानी से सारा सामान मिल जाएगा।
घायलों को फ्री टेस्ट
घायलों को फ्री टेस्ट सुविधा देने का प्रस्ताव भी बैठक में लाया जा रहा है। इसमें एमआरआई और सीटी स्कैन टेस्ट भी निशुल्क होंगे। इसके अलावा आउटडोर मरीज जिसके साथ कोई तीमारदार न हो और अज्ञात हो, उसे भी फ्री टेस्ट सुविधा मिलनी चाहिए।
छात्रों को मुफ्त मेडिकल सुविधा
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के छात्रों और सिस्टर निवेदिता कॉलेज नर्सिंग की स्टूडेंट को मुफ्त मेडिकल सुविधा देने का प्रस्ताव भी बैठक में लाया जा रहा है। मंजूरी के बाद सैकड़ों छात्र इससे लाभाविन्त होंगे।
28 नए पद भरे जाएंगे
रोगी कल्याण समिति के 28 नए पदों को भरे जाने की योजना है। इसके अलावा 2001-02 में वार्षिक खर्च जहां 243.16 लाख था, वहीं 2013-14 में बढ़कर 1738 लाख हो गया है। करीब 714.75 खर्च बढ़ गया है।
पच्चीस जुलाई को होगी बैठक
वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने कहा कि रोगी कल्याण समिति की बैठक अब पच्चीस जुलाई को होगी। एजेंडा तैयार कर लिया गया। किन किन प्रस्ताव पर स्वीकृति मिलती है और इसमें क्या है, यह बैठक के बाद ही बता पाएंगे।
एजेंडे में ये नहीं है शामिल
– समाज सेवा के नाम पर दुकान खोलकर बैठी निजी संस्थाओं को हटाने के बारे में
– मरीजों और तीमारदारों को अस्पताल परिसर और कैंटीन में बेहतर पीने का पानी और तय रेट पर भोजन की व्यवस्था
– मरीजों के साथ हो रही लूट खसोट और ठगी की घटनाओं पर अंकुश
– स्टाफ की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम पर कोई निर्णय
