
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में कैफेटेरिया को इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड के सुपुर्द करने पर कर्मचारी संघ भड़क उठा है। इस मुद्दे पर कर्मचारियों ने सोमवार को एक बैठक बुलाई। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एसएस जोगटा और महासचिव हरिंद्र मेहता ने कहा कि इस फैसले को लागू करने से पहले कर्मचारियों को विश्वास में नहीं लिया गया और न ही कर्मचारी नेताओं के साथ प्रबंधन ने कोई चर्चा की। कर्मचारी संघ ने इस विषय को लेकर पहले ही प्रधानाचार्य और वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक को लिखित में निवेदन किया है क्योंकि प्रशासन इस तरह के निर्णय लेने में स्वतंत्र नहीं है। आज तक दूसरे संगठन एनजीओ/सेमडिकोट/आरडीए को बैठक में बुलाकर निर्णय लिंए जाते रहे हैं। आईजीएमसी के तीन फैक्लटी मेंबर किसी भी ओहदे पर न होकर कंपनी के सदस्यों के साथ बैठक कर ऐसे निर्णय लेते हैं, जो चिंता का विषय है।
अध्यक्ष जोगटा ने कहा कि कैफेटेरिया हिमाचल प्रदेश टूरिज्म को दिया जा सकता था, जिससे खाने की गुणवत्ता रहती और एचपी टूरिज्म को भी मदद मिलती। उधर, कॉलेज के प्रिंसिपल एसएस कौशल ने कहा कि यह कदम सभी की बेहतरी के लिए किया गया है। सरकार की मंजूरी के बाद ही यह फैसला लिया गया है।
