आईआईटी-मेडिकल कालेज पर हो रही सियासत

मंडी। मंडी संसदीय सीट में 23 जून को होने वाले उपचुनाव में जनहित से जुड़े मुद्दों से ज्यादा प्रमुख सियासी दल मंडी में आईआईटी व नेरचौक में ईएसआई मेडिकल कालेज काम शुरू करने का श्रेय लेकर जनता का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों दलों के नेता हर चुनावी मंच पर आईआईटी व मेडिकल कालेज को अपनी उपलब्धियों में गिना रहे हैं।
उपचुनाव की जंग में जनहित से जुड़े मुद्दे राजनीतिक दलों की आपसी छींटाकशी के बीच दबे नजर आ रहे हैं। कांग्रेस जहां सरकार की चार माह की उपलब्धियों को लेकर जनता से समर्थन मांग रही है, वहीं भाजपा भी अपने कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों के साथ बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार को चुनावी ढाल बनाकर जन समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है।
17 विधानसभा हलकों को समेटे मंडी संसदीय क्षेत्र में पहली बार हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस व भाजपा की प्राथमिकताओं में जनहित से जुड़ा मुद्दा शामिल नहीं है। दोनों नेताओं की ओर से एक-दूसरे पर सियासी वार करने के साथ अपनी उपलब्धियों को लेकर मतदाताओं को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं। मंडी संसदीय क्षेत्र में करोड़ों के निवेश से स्थापित किए जा रहे कमांद में आईआईटी व नेरचौक में मेडिकल कालेज का श्रेय लेने में कांग्रेस व भाजपा नेता कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसके अलावा रोहतांग टनल का काम शुरू करने का श्रेय जहां पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने शीर्ष नेता अटल बिहारी वाजपेयी को दिया, वहीं कांग्रेस इसका श्रेय केंद्र की यूपीए सरकार व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को दे रही है।

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