आंगनबाड़ी वर्करों को सरकारी कर्मी घोषित करो

धर्मपुर (मंडी)। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन संबंधित सीटू इकाई की बैठक साईं भवन धर्मपुर में आयोजित की गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष इंदरा ठाकुर ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जबकि सीटू के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने भी विशेष रूप से भाग लिया। इंदरा ठाकु र ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह परियोजना हिमाचल प्रदेश में पिछले 38 वर्षों से चल रही है, जिसमें 36 हजार से अधिक कार्यकर्ता कार्य कर रही हैं। इन कार्यकर्ताओं को आज भी न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा है। यूनियन ने मांग की है कि इन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। वहीं रिटायरमेंट के बाद पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सुविधाएं दी जाएं। जब तक यह मांग पूरी नहीं होती संघर्ष जारी रहेगा। पंजाब के बराबर पांच एवं तीन हजार रुपये मानदेय कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को दिया जाए। सुपरवाइजर के 90 प्रतिशत पद इनमें से ही भरें जाए। यूनियन ने मई माह में शिमला में रैली के माध्यम से सरकार को मांगपत्र सौंपा था, लेकिन सरकार ने अभी तक उस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। अब यूनियन 12 नवंबर को दोबारा शिमला में रैली कर प्रदर्शन करेगी। सम्मेलन में सीटू के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से अनेकों कार्य एवं सर्वेक्षण करवाती है। लेकिन, आज तक प्रदेश सरकार ने इन्हें इसका एक रुपया भी अदा नहीं किया है। सम्मेलन में धर्मपुर प्रोजेक्ट कमेटी का गठन भी किया गया। जिसमें चंपा ठाकुर धर्मपुर को प्रधान बनाया गया। जबकि मंगलेश संधोल को वरिष्ठ उपप्रधान, अनुपमा सकलानी डरवाड़ , सरिता मढ़ी, रूपादेवी टिहरा, अनिता देवी मंडप को उपप्रधान, भावना देवी चोलथरा को सचिव, अंजना कोठुंआ, मंजुला धर्मपुर, अर्चना बरोटी, अनिता मढ़ी, कमला जमसाई को सहसचिव और विमला बरोटी को कोषाध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा 22 सदस्यों को प्रोजेक्ट कमेटी का सदस्य चुना गया। निर्णय लिया गया कि 8 सितंबर को मंडी में जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

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