
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर में आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भवनों की काफी कमी है। जिले के अधिकतर केंद्र किराये के मकानों एवं अन्य भवनों में चल रहे हैं। प्रदेश सरकार की ओर से जिला में 1462 आंगनबाड़ी केंद्र तो खोले गए हैं, लेकिन 70 फीसदी से अधिक केंद्रों के पास अपने भवन नहीं हैं। इसके चलते ये केंद्र या तो किराये के मकान में चल रहे हैं या फिर किसी अन्य भवनों में। हैरत की बात यह है कि सरकार अभी तक 1462 आंगनबाड़ी केंद्रों में से मात्र 223 केंद्रों के लिए ही भवन बना पाई है, जबकि 920 आंगनबाड़ी केंद्र किराये के भवनों में चल रहे हैं। इसके अलावा अन्य 309 आंगनबाड़ी केंद्र सामुदायिक भवन, महिला मंडल एवं अन्य सरकारी भवनों में चलाए जा रहे हैं। ऐसे में सरकार के समक्ष आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 920 भवन बनाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
हालांकि विभाग का मानना है कि जिला सिरमौर में स्थिति काफी हद तक सही है, लेकिन यदि आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो इससे साफ जाहिर होता है कि जिला सिरमौर की अपेक्षा शायद ही किसी अन्य जिला की स्थिति ऐसी हो। इसके अलावा कुछ ब्लॉकों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के पद भी रिक्त चल रहे हैं, जिन्हें भरने के लिए विभाग की ओर से साक्षात्कार लिए जा रहे हैं।
बाक्स…
आंगनबाड़ी भवन बनाने के लिए जैसे ही कोई व्यक्ति जमीन दान में देता है तो विभाग की ओर से उसका प्रपोजल बनाकर सरकार को भेजा जाता है। उसके बाद भवन बनाने के लिए राशि मंजूर होती है।
– जिला कार्यक्रम अधिकारी, वंदना ठाकुर
बाक्स….
जिला में आंगनबाड़ी भवनों की संख्या
डिविजन आंगनबाड़ी केंद्र मिनी आंगनबाड़ी केंद्र
नाहन 234 2
पांवटा 430 2
राजगढ़ 187 2
शिलाई 216 12
संगड़ाह 236 2
पच्छाद 159 3
