अस्पताल से कोरोना मरीज का शव गायब, हो गया हंगामा

नई दिल्ली

एलएनजेपी अस्पताल

अस्पताल ने कहा कि एक जैसे नाम होने के कारण हो गया भ्रम
जांच में पता चला कि शव किसी और परिवार को सौंपा जा चुका है
जिस परिवार को मिला, उसने शनिवार को ही कर दिया सुपुर्दे-खाक

लोकनायक अस्पताल में कोरोना मरीज के शव को लेकर बड़ा मामला सामने आया। अस्पताल की मोर्चरी से एक शव लापता होने की खबर आग की तरह फैली और हंगामा खड़ा हो गया। कागजों की जांच हुई तो पता चला कि शव किसी और ही परिवार को सौंप दिया गया था, जिसने उसे एक दिन पहले शनिवार को ही सुपुर्दे-खाक कर दिया। अस्पताल प्रबंधन इस मामले के पीछे कोरोना वायरस को लेकर खौफ को मुख्य वजह मान रहा है।

जानकारी के अनुसार, पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद इलाका निवासी नईमुद्दीन को बुखार और सांस लेने में परेशानी के चलते 2 जून को भर्ती किया गया था। रात साढ़े सात बजे उनकी मौत हो गई थी। कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं आने की वजह से परिजनों को शव नहीं सौंपा गया। डॉक्टरों ने परिजनों से कहा कि शव मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही इसे सौंपा जा सकता है।
नईमुद्दीन के भाई अमीनुद्दीन का कहना है कि इस पर वे घर चले गए। घर में भाई के लिए मातम और परिजनों की एक बार देखने की इच्छा के कारण वे रोज अस्पताल से जानकारी ले रहे थे। 6 जून को पता चला कि रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद वे मोर्चरी पहुंचे तो शव नहीं मिला। शनिवार को डॉक्टरों ने उनसे कहा कि शव नहीं मिल रहा है। रविवार को वापस मोर्चरी आकर शव ले जा सकते हैं। अमीनुद्दीन रविवार सुबह मोर्चरी पहुंचे तो पता चला कि शव पहले ही किसी और परिवार को सौंप दिया गया था।
अस्पताल ने कहा, एक जैसे नाम के कारण भ्रम
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, नईमुद्दीन नाम के दो मरीज अस्पताल में थे। दोनों की ही मौत हुई थी। मोर्चरी में दोनों के शव रखे थे। शनिवार को एक नईमुद्दीन के परिजन शव लेने आए तो उन्हें कोविड प्रबंधन के तहत शव सौंप दिया गया। यही परिवार शनिवार को फिर मोर्चरी आया। उनसे दोबारा शव की पहचान कराई गई तो बेटे ने उसकी पिता के तौर पर पहचान की। इस तरह एक ही परिवार को दो शव सौंप दिए गए।

प्रबंधन का कहना है कि कोरोना वायरस को लेकर लोग इतने खौफ में हैं कि वे ठीक से अपने परिवार के मृतकों के शव भी नहीं पहचान पा रहे हैं। उधर, अस्पताल के फॉरेंसिंक विभाग ने स्पष्ट किया है कि आमतौर पर मोर्चरी में तैनात कर्मचारी नाम पढ़कर शव की पहचान परिजनों से कराते हैं। ये कर्मचारी चूंकि लंबे समय से ड्यूटी दे रहे हैं और परिजन भी खौफ में हैं, इसलिए यह घटना हुई। जल्द ही मोर्चरी में सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था की जाएगी।

कोरोना मरीज आईसीयू में, बेटे ने दी पुलिस को सूचना
दिल्ली सरकार के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में कोरोना मरीज राजकुमार महर्तो (65) आईसीयू में भर्ती है। उनका बेटा नीरज 6 दिन से अस्पताल के चक्कर काट रहा था, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिल रहा है। ऐसे में उसने पिता के गायब होने का आरोप लगाते हुए पीसीआर को सूचना दे दी।

नीरज ने बताया कि 31 मई की रात उसके पिता की तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें माता चानन देवी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उनका कोरोना सैंपल लिया गया। इसकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उन्हें एलएनजेपी अस्पताल रेफर कर दिया गया। उन्हें कोरोना वार्ड में भर्ती किया गया। यहां से उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया।

इधर, नीरज पिता को न देखकर घबरा गया और पूछताछ की। कहीं से संतोषजनक जवाब न मिला तो उसने पीसीआर को उनके गायब होने की सूचना दे दी। इस मामले में एलएनजेपी अस्पताल की सीएमओ डॉ. रितु सक्सेना का कहना है कि मरीज आईसीयू वार्ड नंबर-4 में भर्ती है। कोविड का इलाज चलने के कारण उसे परिजनों से नहीं मिलाया जा सकता।

 

Related posts