अस्पताल में मुफ्त सुविधा के दावे ध्वस्त

बिलासपुर। स्वास्थ्य विभाग की महिला प्रसव के लिए आने-जाने के खर्चे सहित तमाम सुविधाएं मुफ्त मुहैया करवाने के दावों पर यहां संतोष नहीं किया जा सकता। जमीनी स्तर पर हालात यह है कि प्रसव के दौरान अस्पताल प्रबंधन कॉटन तक मुहैया नहीं करवा पा रहा है। ऐसा ही एक वाकया क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में सामने आया है। कथित तौर पर अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला को कॉटन नहीं मिल पाई। रीना के साथ आई तीमारदार बीना देवी को निजी मेडिकल स्टोर से कॉटन खरीने के लिए विवश होना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग प्रसव के दौरान हर सुविधा एवं दवाइयां मुफ्त मुहैया करवाने के दावे करता रहा है।
तीमारदारों के अनुसार कॉटन देने की बजाय अस्पताल में कार्यरत कर्मचारी उनसे उलझ पड़े। आरोप है कि मेडिकल स्टोर से कॉटन खरीदने को कहा गया। रीना के साथ आई बीना देवी के प्रति संजीव कुमार और युवक मंडल मंडी माणवा के पूर्व प्रधान रमेश चंद ने इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री और विभाग के निदेशक से करने की बात कही है। संजीव ने बताया कि उनके साले की पत्नी को प्रसव के लिए अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में उसका प्रसव भी हो गया। इसके बाद उसे दाखिल किया गया। रात को कॉटन के लिए उनकी पत्नी बीना देवी स्टॉफ के पास गई। वहां तैनात एक नर्स ने कॉटन देने से इंकार कर दिया। जब बीना ने कहा कि सरकार की ओर से प्रसव के दौरान महिलाओं को यह सुविधा मुफ्त दी जाती है तो वह उनके साथ दुर्व्यवहार पर उतर आई। संजीव ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी के हाथ में जो थोड़ी कॉटन थी उसे भी नर्स ने छीन लिया। उन्होंने इस मामले की जांच करने की मांग की है। रमेश चंद ने कहा कि अस्पताल में इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है। वह इस मामले की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य निदेशक और उपायुक्त से करेंगे। जबकि सीएमओ को उन्होंने मौखिक तौर पर इसकी शिकायत कर दी है। उधर, कार्यकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अनूप ने कहा कि इस तरह की लिखित शिकायत उनके पास नहीं पहुंची है। हां, किसी शख्स ने उन्हें फोन पर इसकी सूचना दी है। मामले की छानबीन की जाएगी। उन्होंने माना कि प्रसव के बाद अस्पताल में कॉटन मुफ्त मुहैया करवाई जाती है।

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